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एफआईआर वापस लेने के दबाव का आरोप, जांच की मांग
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 9 फरवरी। रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में 05 फरवरी को हुई एक औद्योगिक दुर्घटना में घायल एक 9 माह की बच्ची की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई है। पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में कुल सात लोग झुलसे थे, जिनमें छह मजदूर और एक बच्ची शामिल थी।
अस्पताल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूमि खडिय़ा (उम्र 9 माह) की रायपुर के निजी अस्पताल में 9 फरवरी को शाम 4.05 बजे उपचार के दौरान मृत्यु हुई। बच्ची लगभग 80-90 प्रतिशत तक झुलसी हुई थी।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस मामले में एफआईआर क्रमांक 0047 दर्ज की गई है। शेष घायल मजदूरों का उपचार उसी अस्पताल में जारी है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कुछ घायलों को सांस लेने में परेशानी के कारण वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
एक ही परिवार के चार सदस्य घायल, एक की मृत्यु
इस दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्य प्रभावित हुए हैं—साहेब लाल खडिय़ा (46 वर्ष), उनके पुत्र शिव खडिय़ा (27 वर्ष), उनकी पत्नी उदाशिनी खडिय़ा (25 वर्ष), उनकी पुत्री भूमि खडिय़ा (9 माह), जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
अन्य घायलों में कौशल (25 वर्ष), इंदीवर (19 वर्ष), प्रिया (32 वर्ष) शामिल हैं। सभी झुलसने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
दबाव बनाए जाने का आरोप
पीडि़त परिवारों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन की ओर से स्नढ्ढक्र वापस लेने और बयान बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों ने कहा है कि वे इस संबंध में प्रशासन से शिकायत कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की जानकारी ली जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची के प्लांट में मौजूद होने को लेकर अलग-अलग दावे
कुछ माध्यमों में यह कहा गया है कि उदाशिनी खडिय़ा बच्ची को केवल टिफिन देने प्लांट गई थीं। वहीं, पीडि़त परिवार का कहना है कि उदाशिनी रोज़ाना अपनी 9 माह की बच्ची को साथ लेकर प्लांट में काम करने जाती थीं और काम के दौरान बच्ची को परिसर में सुलाकर रखती थीं। इस संबंध में प्रशासन द्वारा जांच किए जाने की बात कही गई है।
मांगें
पीडि़त परिवारों और कुछ सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से— मृत बच्ची के परिजनों को मुआवजा देने, घायलों के इलाज का खर्च प्लांट प्रबंधन से वसूल करने, एफआईआर वापस लेने के दबाव के आरोपों की जांच कराने, जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, तथा पीडि़त परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


