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5 से 7 लाख गर्भवतियों में किसी एक में होता है इस तरह का केस-डॉक्टर
ओडिशा से महासमुंद अस्पताल प्रसव के लिए पहुंची थीं
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 9 फरवरी। मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में रविवार को एक गर्भवती ने 4 स्वस्थ शिशुओं को शल्य चिकित्सा के माध्यम से जन्म दिया। सभी नवजात शिशुओं को अस्पताल प्रबंधन ने नर्सरी में रखा है। उनकी शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम द्वारा विशेष निगरानी की जा रही है। एक साथ 4 संतान पाकर जहां बच्चों के माता-पिता के खुशियों का ठिकाना नहीं है।
इस दुर्लभ केस को लेकर गायनेकोलॉजिस्ट एचओडी डॉ. नेहा ठाकुर, डॉ. गरिमा सोलंकी, डॉ. प्रतिमा कोसवारा, डॉ.दर्शना सहित नर्सिंग स्टाफ जुटी हुई थी। टीम ने बताया कि गर्भ में 4 बच्चे होने की वजह से ऑपरेशन अत्यंत चुनौती पूर्ण था। लेकिन समय पर अस्पताल में भर्ती होने की वजह से उन्हें आपरेशन करने में सुविधा हुई।
शल्य चिकित्सा से प्रसव कराने वाली चिकित्सकों की टीम भी बहुत उत्साहित है। महासमुंद मेडिकल कॉलेज में यह पहली बार हुआ, जब किसी गर्भवती ने 4 बच्चों को जन्म दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की रात गर्भवती मां पुष्पा पति भोजराम ध्रुव (27) चौका पारा ओडिशा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सकों के अनुसार वह 34 हफ़्ते से गर्भवती थी। प्रेग्नेंसी में चार बच्चों वाली प्रेग्नेंसी का यह केस महासमुंद में पहली बार आया।
गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टरों की टीम ने बताया कि चार बच्चों वाली प्रेग्नेंसी बहुत कम होती है। यह स्वाभाविक रूप से लगभग 5 से 7 लाख गर्भवतियों में से किसी एक में होती है। मरीज पहली बार प्रेग्नेंट थी, वह हमारी बुक की हुई मरीज थी। उसे 33 हफ़्ते में एडमिट किया गया और कड़ी निगरानी में रखा गया था। बीती रात उसे लीकेज शुरू हो गया। इसलिए सिजेरियन सेक्शन किया गया। उसने चार बच्चियों को जन्म दिया। सभी बच्चे ठीक हैं। समय से पहले पैदा हुए हैं। उन्हें देखभाल की जरूरत है और उन्हें नर्सरी में एडमिट किया गया है। जहां बच्चों की देखभाल जारी है।
चिकित्सकों के अनुसार सभी नवजात कन्याएं हैं। इनमें से एक का वजन 1.380 किलो ग्राम, दूसरी का 1.160 किलोग्राम, तीसरी का 1.520 किलोग्राम तथा चौथी का 1.520 किलोग्राम है। बताया गया कि सभी बच्चे समय से पूर्व जन्मे हैं।
बसंत कुमार माहेश्वरी मेडिकल सुपरिटेंडेंट, मेकाहाम महासमुंद ने बताया कि इस तरह के केस 5 से 7 लाख गर्भवतियों में से किसी एक में देखने को मिलता है। हमारे डॉक्टरों तथा नर्सिंग टीम ने बहुत ही सफलतापूर्वक इस दुर्लभ केस को हैंडल किया।


