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शिक्षकों की कमी, अव्यवस्था, कांग्रेस ने चेताया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 फरवरी। शहर जिला कांग्रेस ने सोमवार को रायपुर शहर के स्वामी आत्मानंद स्कूलों का निरीक्षण किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्कूलों की दुर्दशा है, और शिक्षकों की कमी है। 10 से 12 लाख रुपये तक बिजली बिल बकाया है। उन्होंने यह भी कहा कि जान बूझकर आत्मानंद स्कूलों को बदहाल कर प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस ने कहा है कि जल्द ही व्यवस्था को दुरूस्त नहीं किया गया तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरडी तिवारी, शहीद स्मारक, तिलक नगर, भनपुरी, मोवा और त्रिमूर्ति नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूलों के प्राचार्यों से भी चर्चा की।
मेनन ने बताया कि स्कूलों की हालत बदतर होती जा रही है। परीक्षा निकट है, और शिक्षकों की कमी है। खेलकूद सामग्री नहीं है, टायलेट जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी हालत में है। पहले डीएमएफ फंड से हर महीने स्कूलों में छोटी-मोटी जरूरतों के लिए 5 लाख रुपये दिए जाते थे। यह राशि घटाकर डेढ़ लाख रुपये कर दी है। पढ़ाई का स्तर भी लगातार गिर रहा है। कांगे्रस सरकार में आत्मानंद स्कूलों का स्तर इतना अच्छा था कि बड़े-बड़े अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से पालक बच्चे निकालकर आत्मानंद स्कूलों में दाखिल करा रहे थे। मेरिट के आधार पर भर्ती होती थी। मगर अव्यवस्थाओं के चलते पालक बच्चों को निकालने पर मजबूर हो गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में चाकू लहराने की घटनाएं हो रही है। जिसके कारण बच्चों के भविष्य को लेकर लोग चिंतित हो गए हैं। मेनन ने चेतावनी दी है कि जल्द ही स्कूलों का स्तर नहीं सुधारा गया, तो एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर जिले के पदाधिकारी और अन्य नेता थे।


