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नेता प्रतिपक्ष को बोलने देने की विपक्ष की मांग
09-Feb-2026 4:31 PM
नेता प्रतिपक्ष को बोलने देने की विपक्ष की मांग

नयी दिल्ली, 9 फरवरी। लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों ने आसन से आग्रह किया कि केंद्रीय बजट पर चर्चा की शुरुआत से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने दिया जाए, हालांकि आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद सदन में हुई नोकझोंक के कारण कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने आवश्यक कागजात सदन में रखवाए।

इसके बाद उन्होंने जैसे ही बजट पर चर्चा के लिए पहले वक्ता के रूप में कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा तो नेता प्रतिपक्ष ने सदन में अपनी बात रखने की इच्छा जाहिर की। राहुल गांधी का कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि वह बजट पर चर्चा से पहले बोल सकते हैं।

हालांकि, पीठासीन सभापति ने कहा कि इस बारे में स्पष्टीकरण लेने के बाद वह अनुमति देंगे।

तेन्नेटी ने कहा कि उनके पास फिलहाल जो विधायी कार्य का ब्यौरा है, उसके मुताबिक बजट पर चर्चा होनी है।

कांग्रेस के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने को अधिकार है।

तेन्नेटी ने कहा, ‘‘क्या नेता प्रतिपक्ष बजट पर बोलेंगे?’’

जब कांग्रेस सदस्यों ने ‘नहीं’ कहा तो पीठासीन सभापति ने कहा कि फिलहाल बजट पर चर्चा होनी है।

थरूर भी यह कहते सुने गए कि वह चाहते हैं कि उनसे पहले नेता प्रतिपक्ष बोलें, हालांकि आसन ने अनुमति नहीं दी।

सदन में गतिरोध बने रहने पर तेन्नेटी ने दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले, हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।

बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी और सदस्यों ने मेजें थपथपाकर टीम की जीत की सराहना की।

इसके बाद अध्यक्ष ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगने लगे।

इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल में केवल प्रश्न पूछे जाते हैं और कभी किसी सदस्य को अन्य कोई विषय उठाने की अनुमति नहीं दी जाती।

उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए कहा कि वह बजट पर सदन में होने वाली चर्चा में सभी सदस्यों को उनके लिए आवंटित समय के अनुसार बोलने का अवसर देंगे। 

 

बिरला ने कहा, ‘‘प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में या बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों को बोलने का मौका दिया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष हों या कोई अन्य सदस्य हो, सभी को पूरा अवसर दिया जाता है। आप बजट पर चर्चा करते समय अपनी बात रख सकते हैं।’’

उन्होंने विपक्षी सदस्यों से नियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘प्रश्नकाल सांसदों का समय होता है। इस दौरान सदन को बाधित नहीं करें। सदन नियम प्रक्रियाओं से चलता है। नियोजित तरीके से गतिरोध और नारेबाजी के लिए सदन नहीं है।’’

इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने आसन के पास आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने पांच मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।

पिछले सप्ताह राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही और कार्यवाही अवरुद्ध रही।

गत बृहस्पतिवार को, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर निचले सदन में धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जवाब के बिना पारित कर दिया गया था।  (भाषा)


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