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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 9 फरवरी। जिले के खोकसा ओवरब्रिज पर हुए चक्काजाम और एंबुलेंस रोके जाने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई सिटी कोतवाली जांजगीर पुलिस ने की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया।
मामला 30 जून 2025 का है, जब खोकसा से पीथमपुर (जारवे) तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। आरोप है कि चक्काजाम के दौरान एक निजी एंबुलेंस को जबरन रोक दिया गया, जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, निजी एंबुलेंस चालक की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि वह एक मरीज को लेकर अस्पताल जा रहा था और खोकसा ओवरब्रिज के पास बाईं ओर स्थित नर्सिंग होम की ओर मुड़ना था। इसी दौरान जर्वे (च) गांव के सरपंच और अन्य लोगों द्वारा सड़क की खराब हालत को लेकर चक्काजाम किया जा रहा था।आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस को आगे नहीं बढ़ने दिया, जिससे मरीज के इलाज में देरी हुई।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2) और 126(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में भाजपा जिला पंचायत सदस्य उमा राठौर भी शामिल थीं। इसके अलावा जर्वे (च) गांव के निवासी उत्तरा कश्यप, गोपाल कश्यप, व्यास टंडन, गिरधारी कश्यप, डंकेश्वर यादव, कमल कश्यप, योगेश कश्यप, संजय कुमार यादव, नायला जांजगीर निवासी अरमान मोहम्मद को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि जनता के अधिकारों के लिए लड़ना अपराध नहीं है। खोकसा–पीथमपुर सड़क वर्षों से जर्जर हालत में है। सड़क निर्माण से जुड़ी फाइल मंत्रालय और वित्त विभाग में अटकी हुई है। ऐसे में आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे ओवरब्रिज परियोजना को लेकर 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है। यदि 6 मार्च तक काम शुरू नहीं हुआ, तो रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दोबारा चक्काजाम किया जाएगा। विधायक ने यह भी कहा कि करीब 30 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना अंतिम चरण में है, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण काम रुक गया है।


