ताजा खबर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जब संघ कहेगा, वे अपनी ज़िम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि इसके बाद भी काम करने से मुक्ति नहीं होगी.
आरएसएस शताब्दी समारोह के मौक़े पर आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने रविवार को कहा कि 'हम आमतौर पर ऐसा सोचते हैं कि 75 की उम्र के बाद बिना दायित्व के कार्य करना चाहिए. इसको संघ की अनुमति मिलेगी तब होगा, जैसे मेरी बात है, मेरी उम्र 75 हो गई.'
उन्होंने कहा, "मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब हो गया. इस पर उन्होंने मुझसे कहा कि 'आपको क्या हुआ है, आप घूम रहे हैं, और काम करो.' इसलिए मैं रुक गया हूं."
भागवत ने आगे कहा, "मैं यहां रहूं ये मेरी इच्छा नहीं है, मैं यहां न रहूं ये भी मेरी इच्छा नहीं है. यह संघ का ऑप्शन है. जब संघ कहेगा, दायित्व से निवृत्ति होगी, कार्य से निवृत्ति नहीं होगी. दायित्व से निवृत्त होने के बाद भी जीवनभर काम चलता रहता है."
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सितंबर 2025 में 75 साल के हो गए हैं और वो अपने पद पर बने हुए हैं. (bbc.com/hindi)


