ताजा खबर
जायसवाल ने दो साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश किया
रायपुर, 5 फरवरी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को अपने काम काज के दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए भविष्य का रोडमैप साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का ध्यान केवल अस्पतालों में इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारियों की समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम पर केंद्रित है। यह रिपोर्ट कार्ड छत्तीसगढ़ के आम नागरिक के लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार का प्रमाण है। 1639 नई नियुक्तियों और 2300 प्रक्रियाधीन भर्तियों से अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। साथ ही, IPHL लैब और आयुष्मान आरोग्य मंदिर के विस्तार से गांवों में ही शहरों जैसी जांच सुविधाएं सुलभ होंगी।
मंत्री जायसवाल ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मानव संसाधन पहली प्राथमिकता है। पिछले दो वर्षों में 1639 पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। अधोसंरचना के मोर्चे पर, 3 जिला अस्पताल, 10 सिविल अस्पताल और 200 बिस्तरों वाले मानसिक अस्पताल (सेन्दरी) सहित दर्जनों स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 31.44 लाख से अधिक क्लेम प्रकरणों में 4551 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। प्रदेश के 90% राशन कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। गुणवत्ता के मामले में रायपुर और बलौदाबाजार के अस्पतालों ने देश में कीर्तिमान स्थापित करते हुए IPHL लैब के लिए केंद्रीय प्रमाणन प्राप्त किया है।
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धियों में संक्रामक रोगों पर नियंत्रण शामिल है। मलेरिया पॉजिटिविटी दर जो पहले 4.6% थी, वह अब घटकर महज 0.59% रह गई है। टीबी नियंत्रण में भी राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां 4106 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। सिकल सेल एनीमिया के लिए 1.68 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग कर मरीजों की पहचान की गई है।
श्री जायसवाल ने कहा कि आगामी तीन वर्षों में सरकार का लक्ष्य राज्य के हर विकासखंड में BPHU (Block Public Health Unit) स्थापित करना है। साथ ही, 375 नई एम्बुलेंस और 75 हाट बाजार मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ाई जाएगी। सभी सरकारी अस्पतालों को NQAS (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम) के दायरे में लाकर स्वास्थ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा।
भर्तियां- 1639 पदों पर नियुक्ति पूर्ण, 2300 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी।
बजट- आयुष्मान योजना के तहत 4551 करोड़ रुपये का उपचार भुगतान।
लैब नेटवर्क- सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्थापित होंगी IPHL लैब।
गुणवत्ता- 884 संस्थानों को NQAS प्रमाणन, रायपुर-बलौदाबाजार देश में अव्वल।
मोबाइल यूनिट- आदिवासी क्षेत्रों के लिए 57 जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू।


