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हथियार व विस्फोटक सामान सौंपे
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 5 फरवरी। गुरुवार को बीजापुर जिले में साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े 12 सक्रिय नक्सली कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर उनके संगठनात्मक पदों के अनुसार 54 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 8 महिला एवं 4 पुरुष कैडर शामिल हैं। आत्मसमर्पण के दौरान एके-47 और एसएलआर राइफल सहित 3 ऑटोमैटिक हथियार, मैग्जीन एवं कारतूस सुरक्षा बलों को सौंपे गए।
यह आत्मसमर्पण पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बी.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
एक जनवरी 2024 से अब तक की उपलब्धियां
बीजापुर जिले में माओवादी विरोधी अभियानों के तहत अब तक 888 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1163 माओवादी गिरफ्तार** किए गए हैं, 231 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
हथियार और विस्फोटक सामग्री की सुपुर्दगी
आत्मसमर्पित कैडरों द्वारा स्वेच्छा से निम्न सामग्री भी जमा कराई गई- जिलेटीन स्टिक - 250, डेटोनेटर - 400, गन पावडर - 01 प्लास्टिक ड्रम, कार्डेक्स वायर - 01 बंडल।
राज्य शासन की नीति के तहत प्रत्येक आत्मसमर्पित कैडर को 50,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इनके सामाजिक पुनर्वास एवं पुनर्समावेशन हेतु आवश्यक विधिक प्रक्रिया प्रचलन में है। आत्मसमर्पित कैडरों ने भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण जीवन जीने का संकल्प लिया है।
इस पूरी प्रक्रिया में जिला बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, स्ञ्जस्न, कोबरा बटालियन तथा केरिपु की विभिन्न बटालियनों की सक्रिय भूमिका रही। सुरक्षा बलों द्वारा निरंतर विश्वास निर्माण, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के चलते यह सफलता संभव हो सकी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा कि वे भ्रामक और हिंसक विचारधाराओं को त्यागकर निर्भय होकर मुख्यधारा में लौटें, शासन उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं, पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. पट्टलिंगम ने कहा कि यह आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि माओवादी संगठन लगातार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा— हिंसा केवल विनाश की ओर ले जाती है, जबकि ‘पूना मारगेम’ अभियान शांति, सम्मान और सकारात्मक भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों में -
01 सोमडू मडक़म बीजापुर - दरभा डीविजन डीव्हीसीएम(कटेकल्याण एरिया कमेटी इंचार्ज), घोषित ईनाम राशि 8 लाख रूपये, एके-47 हथियार एवं 01 मैग्जीन के साथ पुनर्वास।
02 हुंगी कुंजाम उर्फ सोनी बीजापुर , पद - बटालियन नं. 01 पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 8 लाख रूपये ।
03. पायकी कुंजाम बीजापुर, पद - कंपनी नं. 02 पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम राशि 8 लाख रूपये।
04. आयती मडक़म ऊर्फ पुन्नी बीजापुर, पद - उत्तर सब जोनल ब्यूरो पीपीसीएम, घोषित ईनाम राशि 5 लाख रूपये ।
05. चमनलाल कुडियम ऊर्फ छोटू बीजापुर , पद - पश्चिम बस्तर डीविजन सदस्य (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 5 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 2 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
06. पार्वती पुनेम ऊर्फ राघो बीजापुर, पद - गंगालूर एरिया कमेटी सदस्या (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 5 लाख रुपये ।
07. सन्ना माड़वी बीजापुर, पद - पश्चिम बस्तर डीविजन, घोषित ईनाम राशि 2 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 0मैग्जीन के साथ पुनर्वास
08. शांति कुडियम बीजापुर, पद - नेशनल पार्क एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 1 लाख रूपये ।
09. छोटी तेलम बीजापुर, पद - भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम 1 लाख रूपये ।
10. जिम्मो उईका उर्फ अंकिता बीजापुर , पद - मद्देड़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 1 लाख रूपये ।
11. शमीला मडक़म बीजापुर, पद - भैरमगढ़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 1 लाख रूपये ।
12. हिड़मा माड़वी बीजापुर, पद - दरभा डीविजन पीएलजीए सदस्य, घोषित ईनाम राशि 1 लाख रुपये।


