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धान खरीदी केंद्र की गड़बड़ियां दबाने के बदले मांगी थी रकम, जेल भेजे गए
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 5 फरवरी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक अतिरिक्त तहसीलदार और एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर धान उपार्जन केंद्र में हुई अनियमितताओं को दबाने के बदले 35 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है।
यह कार्रवाई पामगढ़ तहसील कार्यालय में की गई, जहां अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को रिश्वत स्वीकार करते समय पकड़ा गया। एसीबी की टीम ने पूर्व नियोजित जाल बिछाकर दोनों को धर-दबोचा। गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और फिर न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी वीरेंद्र कौशिक ने बिलासपुर स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि अतिरिक्त तहसीलदार और पटवारी उनसे 40 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायत के अनुसार धान उपार्जन केंद्र में भौतिक सत्यापन और टोकन जारी करने की प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों को उच्च अधिकारियों तक न पहुंचाने के एवज में यह रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने कार्रवाई की रणनीति बनाई।
एसीबी के निर्देश पर शिकायतकर्ता वीरेंद्र कौशिक को 35 हजार रुपये के साथ बुधवार को तहसील कार्यालय भेजा गया। जैसे ही दोनों अधिकारियों ने रिश्वत की राशि स्वीकार की। एसीबी की टीम ने तत्काल दबिश देकर उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया।



