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-सीटू तिवारी
बिहार सरकार ने गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं.
इन दिशानिर्देशों के तहत सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वॉर्डन की नियुक्ति अनिवार्य होगी.
साथ ही वॉर्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन ज़रूरी होगा.
हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा. महिलाएं जिन कमरों की ओर रहती हैं वहां पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा.
सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी.
हॉस्टल की साफ-सफाई, खिड़कियों में लोहे की जाली, आने-जाने वाले व्यक्ति का नाम, उसके आधार नंबर के साथ रजिस्टर में मेंटेन करना होगा.
बता दें कि बीती 11 जनवरी को पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक छात्रा की संदिग्ध मौत हुई थी. ये मामला तूल पकड़ने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था.
लेकिन एसआईटी भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा की है.
बुधवार शाम को इस मामले में गठित एसआईटी टीम ने भी पहली बार प्रेस कांफ्रेंस की.
एसआईटी ने स्पष्ट किया कि इस मामले के जांच के दौरान मृतक छात्रा की उम्र 18 साल से कम पाई गई है.
ऐसे में इस केस में अब पॉक्सो की धाराएं लगाई गई हैं. इस प्रेस कांफ्रेंस में पटना पुलिस ने अपनी लापरवाही स्वीकार की.
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया, ''इस मामले में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ने 6 जनवरी को ही कदमकुआं थाने को सूचना दी थी. जिसके बाद महिला एसआई ने परिवार से संपर्क किया. परिवार ने महिला एसआई से कहा कि छात्रा के होश में आने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा. इस मामले में कदमकुआं थाना और चित्रगुप्त थाना प्रभारी ने लापरवाही की.”
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीसीटीवी फुटेज में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है.
सिटी एसपी परिचय कुमार ने कहा, ''हॉस्टल से छात्रा की पर्सनल डायरी मिली है. जिससे उसकी मानसिक स्थिति का पता चल रहा है. डायरी को भी एफएसएल जांच के लिए भेजा गया है.''
सीबीआई ने अब तक इस केस को अपने हाथों में नहीं लिया है. छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिला था, जिसके बाद एसआईटी ने संदिग्धों के डीएनए सैंपल करवाए थे. अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य संदिग्धों की भी सैंपलिंग कराई जा रही है.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आईजी जितेन्द्र राणा भी मौजूद थे, जिनकी निगरानी में इस मामले की जांच की रोज़ाना समीक्षा होती है. ये कांफ्रेंस महज़ 15 मिनट चली और पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया. (bbc.com/hindi)


