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वैवाहिक विवाद की सुनवाई में महिला की सुविधा सर्वोमुकदमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 3 फरवरी। वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पत्नी की परिस्थिति और सुविधा को प्राथमिकता देने का सिद्धांत दोहराया है। एकलपीठ में मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने टीपीसीआर एवं टीपीसी से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दुर्ग जिले में लंबित तीनों मामलों को कोंडागांव जिले की संबंधित अदालतों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया।
याचिकाकर्ता महिला का विवाह 21 अप्रैल 2022 को नारायणपुर जिले में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। विवाह उपरांत वह ससुराल चारोदा, भिलाई (दुर्ग जिला) गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि विवाह के समय माता-पिता द्वारा पर्याप्त गृहस्थी का सामान और आभूषण दिए जाने के बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा दहेज को लेकर उसे निरंतर ताने दिए जाते रहे।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति को गंभीर हृदय रोग और उच्च रक्तचाप की समस्या है, जिसे विवाह से पहले छिपाया गया। 6 अक्टूबर 2023 को पति और ससुरालजनों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद वह नारायणपुर में अपने माता-पिता के साथ रहने लगी।
घटना के बाद महिला ने भरण-पोषण का आवेदन और घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया, जो दुर्ग की अदालत में लंबित थे। वहीं, पति की ओर से दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए भी वाद दायर किया गया था।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि महिला एक बेरोजगार गृहिणी है और उसकी कोई आय नहीं है, जबकि पति पोल्ट्री व्यवसाय से लगभग 60 हजार रुपये प्रतिमाह कमाता है। साथ ही महिला की माता कैंसर से पीड़ित है, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी उसी पर है। नारायणपुर से दुर्ग की दूरी लगभग 195 किलोमीटर है, जहां प्रत्येक तारीख पर पहुंचना आर्थिक और शारीरिक रूप से अत्यंत कठिन है। निजी वाहन का किराया करीब 6 हजार रुपये पड़ता है और ट्रेन सेवाएं भी नियमित नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए कहा कि वैवाहिक मामलों में स्थानांतरण याचिकाओं का निर्णय करते समय पत्नी की सुविधा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि महिला को अनावश्यक कठिनाइयों से बचाना न्यायोचित है। इसी आधार पर तीनों मामलों को दुर्ग से कोंडागांव स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया।


