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रायपुर, 28 जनवरी। यूजीसी कानून का विरोध छत्तीसगढ़ में भी तेजी से बढ़ रहा है। सरयूपारिण ब्राह्मण समाज ने इस मुद्दे पर 1 फरवरी को सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक बुलाई है। वहीं छत्तीसगढ़ में अखंड ब्राह्मण समाज सेवा समिति ने यूजीसी कानून के विरोध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने कहा है कि यदि यूजीसी के नियम वापस नहीं लिए गए, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। लोकभवन में संगठन के विधि प्रकोष्ठ की प्रदेश प्रमुख एडवोकेट निवेदिता मिश्रा और एडवोकेट राजीव द्विवेदी के नेतृत्व में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के जरिए उन्होंने कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की।
इस अवसर पर भाजपा नेता और प्रदेश अध्यक्ष योगेश तिवारी ने कहा कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज के छात्रों के भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कानून के गलत इस्तेमाल से छात्रों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। संगठन ने बताया कि राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम भी ज्ञापन भेजा गया है।समिति ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्दी निर्णय नहीं लिया, तो वे कानून के तहत आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरेंद्र पांडेय, सुनीता तिवारी, श्वेता मिश्रा, विमल ओझा, अविनाश मिश्रा, सुभाष तिवारी, राजू महाराज, अवधेश धर दीवान और अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।


