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भुवनेश्वर, 24 जनवरी। ओडिशा के नवरंगपुर जिले को ‘नक्सल-मुक्त’ घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
यह घोषणा नौ माओवादियों के छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने के बाद की गई। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सात महिला नक्सली भी शामिल हैं और इन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नवरंगपुर और छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सक्रिय थे।
पुलिस ने एक बयान में कहा, “उनके आत्मसमर्पण के साथ ही नवरंगपुर जिला नक्सली गतिविधियों से मुक्त हो गया है।”
नवरंगपुर जिले में अतीत में नक्सली हिंसा की कई घटनाएं हुई हैं। इनमें 24 सितंबर 2011 को बीजू जनता दल (बीजद) के विधायक जगबंधु मांझी और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी पी. के. पात्रो की हत्या भी शामिल है।
माओवादियों ने 16 जुलाई 2010 को नवरंगपुर के रायगढ़ ब्लॉक स्थित कुंदेई थाने पर भी हमला किया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा, “हालांकि 2011 के बाद जिले में कोई बड़ी नक्सली घटना नहीं हुई है।”
उन्होंने बताया कि राज्य के 30 जिलों में से अब नक्सलियों का प्रभाव केवल सात जिलों कंधमाल, कालाहांडी, बलांगीर, मलकानगिरि, कोरापुट, रायगड़ और बौध के कुछ इलाकों तक ही सीमित रह गया है। (भाषा)


