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जीवन बीमा का वादा कर थमा दिया हेल्थ बीमा, मौत के बाद परिवार पर वसूली का दबाव
24-Jan-2026 12:54 PM
जीवन बीमा का वादा कर थमा दिया हेल्थ बीमा, मौत के बाद परिवार पर वसूली का दबाव

चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के खिलाफ  धोखाधड़ी का केस दर्ज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 24 जनवरी। चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस एंड फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों ने एक व्यक्ति को जीवन बीमा दिलाने का भरोसा देकर कर्ज दिलाया, लेकिन उसके नाम पर स्वास्थ्य बीमा कर दिया। व्यक्ति की मौत के बाद कर्ज माफी के बजाय उसके परिवार से अवैध वसूली की कोशिश की गई और घर तक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार को धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। यह जिले में अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।

शिकायत के अनुसार, गौरेला निवासी शरीफ खान ने पुलिस को बताया कि उनके भाई अयूब खान को 30 लाख रुपये की जरूरत थी। कंपनी के सेल्स मैनेजर देवानंद पांडेय, क्रेडिट मैनेजर शेखर कुमार और एजेंट हबीब खान ने भरोसा दिलाया कि कर्ज के साथ जीवन बीमा भी कराया जाएगा, ताकि मृत्यु की स्थिति में कर्ज स्वतः माफ हो जाए। बताया गया कि 30 लाख का लोन स्वीकृत हुआ, लेकिन खाते में केवल 28 लाख 67,732 रुपये ट्रांसफर किए गए। दस्तावेज मांगने पर टालमटोल की जाती रही।

बाद में व्हाट्सऐप संदेश के जरिए जानकारी दी गई कि पीएफ के 53 हजार 100 रुपये और जीवन बीमा के नाम पर 52,416 रुपये प्रीमियम काटे गए हैं। कुछ समय बाद अयूब खान का निधन हो गया।

परिवार ने जब बीमा क्लेम और कर्ज माफी की जानकारी ली तो पता चला कि जीवन बीमा के बजाय स्वास्थ्य बीमा कराया गया था। इसके बावजूद कंपनी के कर्मचारी मृतक की पत्नी शबनम खान और बच्चों पर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि मानसिक रूप से प्रताड़ित कर घर की नीलामी तक की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि लोन स्वीकृत होने के बाद कंपनी ने कोई दस्तावेज नहीं भेजे। हालांकि, बैंक की ओर से मृतक के मोबाइल पर आए संदेशों में लोन राशि, कटौतियों और बीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज थी। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने कंपनी के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।


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