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-इमरान क़ुरैशी
दो रूसी महिला दोस्तों की लगभग एक जैसे तरीक़े से हत्या करने के इल्ज़ाम में गोवा पुलिस ने एक रूसी नागरिक को गिरफ़्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक़, गिरफ़्तार किए गए लियोनोव ने पूछताछ के दौरान दोनों मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
लियोनोव, एलेना कस्थानोवा और एलेना वेनेएवा (दोनों की उम्र 37 वर्ष) का क़रीबी दोस्त था. वह कस्थानोवा के साथ पेरनेम के आरमबोल में रह रहा था.
पुलिस का कहना है कि लियोनोव ने कस्थानोवा और वेनेएवा की हत्या की थी.
एक पुलिस बयान में कहा गया है कि दोनों अपराधों के पीछे आपसी लेन-देन का विवाद है. पुलिस ने दोनों मामलों में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं.
क्या हैं अन्य आरोप
पुलिस का कहना है कि लियोनोव ने अन्य हत्याओं में शामिल होने के बारे में भी बात की है लेकिन उन्हें इसके बारे में कोई सबूत नहीं मिले हैं.
गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने बीबीसी हिंदी से कहा, “हम इन दोनों हत्याओं के हर पहलू से जांच कर रहे हैं. अगर वास्तव में दो और ऐसे मामले सामने आते हैं, तो उनकी भी जांच की जाएगी. लेकिन अब तक ऐसा कोई आधार नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सके कि अभियुक्त किसी अन्य मामले में भी शामिल रहा है.”
पुलिस आगे की जांच के लिए दोनों महिलाओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है. लियोनोव को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.
गोवा जैसे पर्यटन राज्य में रूसी नागरिकों से जुड़े हत्या के मामले काफ़ी दुर्लभ रहे हैं,. यहां लंबे समय तक ठहरने वाले विदेशी पर्यटकों की एक बड़ी संख्या है.
इससे पहले रूसी महिला की रहस्यमयी मौत का मामला 2009 में सामने आया था, जब 19 वर्षीय एलेना सुखानोवा मृत पाई गई थीं.
गोवा में सामने आए कई चर्चित हत्या मामलों में ब्रिटेन, आयरलैंड और अमेरिका से जुड़े लोग शामिल रहे हैं. इनमें सबसे ज़्यादा चर्चित मामले स्कारलेट कीलिंग और डेनियल मैकलॉफिन के रहे हैं.
2008 में 15 वर्षीय स्कारलेट कीलिंग का मामला सबसे प्रमुख रहा था. वह अंजुना बीच पर मृत पाई गई थीं. शुरुआत में कहा गया था कि नशे के सेवन के बाद डूबने से उनकी मौत हुई.
हालांकि, उनकी मां और अन्य लोगों के लंबे अभियान के बाद पुलिस ने स्थानीय व्यक्ति सैमसन डिसूजा को गिरफ़्तार किया. जुलाई 2019 में अदालत ने उसे ग़ैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया.
डेनियल मैकलॉफिन (28) का शव 2017 में कनाकोना के पास एक खेत में मिला था. उनके शरीर पर यौन हिंसा और गला घोंटे जाने के निशान पाए गए थे.
यह मामला फ़रवरी 2025 में अपने अंतिम चरण में पहुंचा, जब अभियुक्त विकास भगत को दोषी ठहराया गया और उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई. (bbc.com/hindi)


