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राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष शर्मा ने ली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक
रायपुर, 07 जनवरी। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा की अध्यक्षता में आज खाद्य आयोग के राज्य कार्यालय स्थित सभा कक्ष में NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013) एवं CGFSA (छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव जायसवाल, सदस्यगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सदस्य सचिव श्री जायसवाल द्वारा आयोग की शक्तियों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आयोग का प्रमुख दायित्व हितग्राहियों की पात्रताओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी, शिकायतों की जांच, जिला शिकायत निवारण अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई तथा राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसाएं देना है।
बैठक में AAY, PHH, APL, निराश्रित एवं निशक्त श्रेणी के अंतर्गत निर्धारित राशन पात्रताओं की समीक्षा की गई। आयोग ने उचित मूल्य दुकानों में समय पर राशन वितरण, स्टॉक की सही प्रविष्टि, APL एवं फोर्टिफाइड चावल का पृथक भंडारण, FIFO प्रणाली के पालन, रैंडम बोरा तौल एवं विभागीय कॉल सेंटर नंबर के प्रदर्शन के निर्देश दिए।
पूरक पोषण आहार योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पात्रता अनुसार पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों के भौतिक सत्यापन, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, फोर्टिफाइड चावल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने तथा भवन एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।
प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मात्रा अनुसार भोजन सामग्री उपयोग, दैनिक मेन्यू का प्रदर्शन, माप-तौल उपकरण की उपलब्धता, किचन व भोजन क्षेत्र में स्वच्छता तथा कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।
आश्रम एवं छात्रावासों में प्रति छात्र निर्धारित खाद्यान्न वितरण, भोजन की गुणवत्ता, अधीक्षक के छात्रावास में अनिवार्य निवास, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया।
सितंबर से दिसंबर 2025 की अवधि में आयोग द्वारा 15 जिलों में निरीक्षण किया गया, जिसमें 33 उचित मूल्य दुकानें, 17 आंगनबाड़ी केंद्र, 13 स्कूल एवं 16 आश्रम/छात्रावास शामिल थे। निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर सभी विभागों को समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं पोषण पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आगे भी नियमित निरीक्षण एवं कड़ी निगरानी जारी रहेगी।


