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रायपुर, 31 दिसंबर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (आईआईटी) में ट्राइबोलॉजी (इंडिया ट्राइब) पर 13वीं अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया।
सम्मेलन का विषय “ट्राइबोलॉजी फॉर मैनकाइंड” रहा, जिसने मानव कल्याण और औद्योगिक प्रगति में ट्राइबोलॉजी की भूमिका को रेखांकित किया।
सम्मेलन के दौरान शिक्षा जगत और उद्योग जगत से जुड़े ट्राइबोलॉजी के अग्रणी विशेषज्ञों द्वारा अनेक पूर्ण सत्र, मुख्य व्याख्यान एवं आमंत्रित वक्तव्य प्रस्तुत किए गए। इन सत्रों में ट्राइबोलॉजी के नवीन अनुसंधान, तकनीकी विकास और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर व्यापक चर्चा हुई। इसके साथ ही छात्र शोधकर्ताओं ने मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शोध कार्यों का प्रदर्शन किया, जिससे उभरते हुए विद्वानों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार और नवाचार साझा करने का अवसर मिला।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के निदेशक प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने अंतर्विषयक अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया ।
वहीं, ट्राइबोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रोफेसर सतीश वी. कैलाश ने व्यावहारिक और औद्योगिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा तकनीकी नेटवर्क को सशक्त बनाने में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों की भूमिका को रेखांकित किया।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से 250 से अधिक शोधकर्ताओं ने भाग लिया। शोध की गुणवत्ता और प्रस्तुति उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौखिक एवं पोस्टर दोनों श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार प्रदान किए गए।


