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मतांतरित ग्रामीण के शव दफनाने का मामला
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कांकेर, 20 दिसंबर। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में मतांतरण से जुड़े एक मामले में शव के दफनाने को लेकर कई दिनों से विवाद की स्थिति है। ग्राम बड़े तेवड़ा में मतांतरित ग्रामीण के शव को दफनाने पर ग्रामीणों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासन द्वारा विधिक प्रक्रिया के तहत शव को कब्र से बाहर निकलवाया गया। प्रभावित गांवों और आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया, साथ ही दो दिन से गांवों में पुलिस बल तैनात है। स्थिति काबू में है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को शव निकाले जाने के दौरान और उसके बाद भीड़ द्वारा पत्थरबाजी, तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतागढ़ आशीष बंछोर सहित 22 पुलिसकर्मी घायल हुए। घायल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को प्राथमिक उपचार के बाद आगे के उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेज दिया गया है।
घटना के दौरान ग्राम बड़े तेवड़ा स्थित चर्च को नुकसान पहुंचाया गया तथा भीड़ ने आग लगा दी।
पुलिस के अनुसार, स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
ज्ञात हो कि गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमराराम सलाम का रविवार को अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद परिवार द्वारा गांव में ही उनका दफन किया गया। इस पर गांव के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद ग्रामीण अपने-अपने घर लौट गए।बुधवार को मामला और गंभीर हो गया, जब कुछ ग्रामीण मतांतरित ग्रामीण का शव कब्र से बाहर निकालने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया था। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसमें कुछ लोगों को चोटें आईं। पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।


