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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 19 दिसंबर। रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत बिछड़े और घर से भागे बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का काम जारी रखा है। इस अभियान के अंतर्गत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडलों में रेलवे स्टेशन, रेलवे परिसर और यात्री ट्रेनों से एक साल के भीतर सैकड़ों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा रहा है।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा रेस्क्यू किए गए बच्चों को रेलवे बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार चाइल्ड हेल्प ग्रुप के माध्यम से मान्यता प्राप्त चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा जाता है। इसके बाद संबंधित एजेंसियों द्वारा बच्चों के परिजनों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित रूप से परिवार को सौंपा जाता है। इस पूरी प्रक्रिया ने कई परिवारों को फिर से एकजुट किया है। 2023 से नवंबर 2025 तक ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के तहत कुल 861 बच्चों को रेस्क्यू कर उनके परिवारों को सौंपा गया है। वर्ष 2023 में 275 बच्चे बचाए गए जिनमें लड़के 155 और लड़कियां 120 थीं। वर्ष 2024 में 303 बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं। इनमें 193 लड़के और 110 लड़कियां हैं। वर्ष 2025 में नवंबर तक 283 बच्चे रेस्क्यू किए गए जिनमें लड़के 164 और लड़कियां 119 हैं।


