ताजा खबर

चीफ जस्टिस सिन्हा ने पुस्तक का विमोचन, मोबाइल एप लॉंच और आवास गृह का शिलान्यास किया
17-Dec-2025 1:01 PM
चीफ जस्टिस सिन्हा ने पुस्तक का विमोचन, मोबाइल एप लॉंच और आवास गृह का शिलान्यास किया

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

बिलासपुर, 17 दिसंबर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने न्यायिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार और वैकल्पिक विवाद समाधान को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई सेवाएं शुरू कीं। मंगलवार को उन्होंने वर्चुअल माध्यम से मिडिएशन – समाधान और सद्भाव की यात्रा पुस्तक का विमोचन किया। न्याय मित्र मोबाइल एप लॉंच किया तथा दुर्ग में प्रधान जिला न्यायाधीश और प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय के आवास गृह का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।

इस अवसर पर जस्टिस सिन्हा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जिला न्यायपालिका की अधोसंरचना लगातार सुदृढ़ हो रही है। उन्होंने इसके लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, जिला न्यायालयों के न्यायाधीशों व कर्मचारियों, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और राज्य सरकार के सहयोग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि बेहतर भवन, तकनीकी संसाधन और आधुनिक सुविधाएं मिलने से पक्षकारों, अधिवक्ताओं और न्यायालयीन कर्मचारियों को अनुकूल कार्य वातावरण मिलेगा और न्यायिक प्रक्रिया अधिक तेज व प्रभावी होगी।

मुख्य न्यायाधीश ने बताया कि मध्यस्थता वर्तमान में देश के मुख्य न्यायाधीश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके तहत “मेडिएशन फॉर द नेशन” अभियान चलाया जा रहा है। विमोचित पुस्तक दुर्ग जिला न्यायालय द्वारा किए गए प्रयासों को दर्शाती है और इससे समझौता आधारित, शीघ्र व सुलभ न्याय को बढ़ावा मिलेगा।

न्यायमूर्ति सिन्हा ने न्याय मित्र मोबाइल एप को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की परिकल्पना के अनुरूप एक जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह एप पैरालीगल वॉलंटियर्स के कार्य को अधिक प्रभावी बनाएगा और आम नागरिकों को विधिक सहायता योजनाओं, मध्यस्थता सेवाओं और न्यायिक प्रक्रियाओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पदभार ग्रहण करने के बाद वे राज्य के दूरस्थ जिलों और बाह्य न्यायालयों का दौरा कर वहां की आवश्यकताओं को समझ रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में न्यायिक अधोसंरचना का विस्तार, तकनीकी सुदृढ़ीकरण और गुणवत्तायुक्त न्याय की परिकल्पना साकार हो रही है।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग के स्वागत भाषण से हुई, जबकि समापन प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी और अधिवक्ता वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

 


अन्य पोस्ट