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एपीएल राशन कार्ड बीपीएल में बदले गए, भाजपा सदस्य ने मंत्री को घेरा
16-Dec-2025 1:56 PM
एपीएल राशन कार्ड बीपीएल में बदले  गए, भाजपा सदस्य ने मंत्री को घेरा

 भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 16 दिसंबर। बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली एपीएल राशन कार्ड से बीपीएल राशन कार्ड में परिवर्तन करने के मामले पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर बहस हुई। भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है। इस पूरे मामले में खाद्यमंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि 19 राशनकार्डों को एपीएल से बीपीएल में बदला गया है। उन्होंने कहा कि राशन दुकान संचालक पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।

प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला ने पूछा था कि क्या एपीएल कार्ड बीपीएल में परिवर्तित किए गए हैं? सुशांत ने सरकार के लिखित जवाब पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि मंत्रीजी की तरफ से दी गई जानकारी पूरी तरह गलत है। सुशांत ने कहा कि बिलासपुर जिला प्रशासन ने वर्ष-2024 में कराया गया। जिसमें चार राशन कार्ड डिलिट किए गए, जिन्हें एपीएल से बीपीएल में परिवर्तित किया गया।

खाद्य मंत्री ने कहा कि यह मामला विधानसभा के बजट सत्र में भी उठा था। जांच समिति बनाई गई। जांच प्रतिवेदन में यह बात सामने आई कि 19 एपीएल राशन कार्ड एपीएल से बीपीएल में किया गया। इनमें से 15 राशन कार्ड हितग्राहियों की सहमति से बीपीएल में परिवर्तित किया गया। बाकी चार राशन कार्ड हितग्राहियों की सहमति के बिना किया गया। इसमें जोन क्रमांक-4 के कमिश्नर की अनुशंसा के आधार पर परिवर्तित किया गया।

भाजपा सदस्य सुशांत शुक्ला जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने कहा कि  प्रकरण पर एफआईआर कराई गई है। किसी भी तरह की प्रमाणिकता नहीं पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब यह कहा जा रहा है कि जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर राशन कार्ड परिवर्तित किया गया है। सुशांत शुक्ला ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण दिया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि ढाई सौ से अधिक राशन कार्ड ऐसे हैं जो अप्रासंगिक हैं। इसकी सूची वो सदन के पटल पर रख सकते हैं। प्रदेश के भाजपा सदस्य ने कहा कि आपने पीडीएस सिस्टम को विश्व स्तर पर स्थापित किया था। कई पुरस्कार मिले थे, लेकिन अब पीडीएस सिस्टम पर गरीबों के राशन पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित करने की मांग की। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कटाक्ष किया कि प्रदेश के राशन कार्डों के एसआईआर की जरूरत है।

भाजपा सदस्य ने कहा कि मैंने ही सदन में सवाल उठाया था। इसके बाद जांच कमेटी बनी, और मुझसे ही कोई तथ्य नहीं लिए गए। ऐसे में कौन सी जांच कराई गई? खाद्यमंत्री ने कहा कि अफसरों की पांच सदस्यीय कमेटी ने मामले की जांच की थी। जांच प्रतिवेदन में यह कहा गया कि जोन कमिश्नर की अनुशंसा पर जांच कमेटी बनाई गई।

भाजपा सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि जवाब में विरोधाभाष है। इसलिए जांच के लिए हाई पॉवर कमेटी बनाई जानी चाहिए। या फिर आधे घंटे की चर्चा कराई जानी चाहिए। भाजपा सदस्य धरमलाल कौशिक ने सदन में गलत जवाब देने के मामले में जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। स्पीकर ने प्रकरण पर आधे घंटे की चर्चा के लिए भाजपा सदस्य को लिखित में देने के लिए कहा।


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