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सदन में भाजपा सदस्य ने जताई भ्रष्टाचार की आशंका
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 दिसंबर। जैतुसाव मठ की जमीन बेचे जाने का मामला विधानसभा में उठा। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि मठ की जमीन बेचने की आठ शिकायतें आई है। इसकी जांच चल रही है। भाजपा सदस्य मोतीलाल साहू ने जोर देकर कहा कि मठ की जमीन बेचने के मामले में भ्रष्टाचार की आशंका है। इस पूरे मामले में स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने भाजपा सदस्य को अलग से सवाल लगाने के लिए कहा है।
प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य इंद्रकुमार साहू ने धार्मिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोक न्यासों की जमीन बिना अनुमति के विक्रय का मामला उठाया। इस पर पर्यटन मंत्री ने बताया कि रामचंद्रजी स्वामी ट्रस्ट (जैतुसाव मठ), कृषि गौरक्षणी सभा और गणेशराम शिवदत्त राय ट्रस्ट की जमीन बेचे जाने की शिकायत आई है। ये जमीन 2022 से 2024 के बीच बिना अनुमति के बेचे जाने की शिकायत हुई है। कुल मिलाकर तीनों ट्रस्टों के खिलाफ 10 शिकायतें आई है। इन शिकायतों पर प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्रवाई की जा रही है, जिसमें जांच प्रतिवेदन अपेक्षित है।
भाजपा सदस्य मोतीलाल साहू ने पूरक प्रश्न के माध्यम से जानना चाहा कि जैतुसाव मठ की जमीन बेचे जाने की कितनी शिकायतें आई है? इस पर पर्यटन मंत्री ने बताया कि जैतुसाव मठ की जमीन बेचे जाने की कुल 8 शिकायतें आई है। उन्होंने बताया कि पंजीयक लोक न्यास के यहां शिकायतों की जांच चल रही है। पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि जल्द ही प्रकरणों का निराकरण कर दिया जाएगा।
भाजपा सदस्य मोतीलाल साहू इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने पूछा कि मठ की जमीन बेचने के लिए परमिशन लिया गया था अथवा नहीं। साहू ने यह भी जानना चाहा कि किस खसरा की कितनी जमीन किसको बेची गई है? पर्यटन मंत्री ने कहा कि मूल प्रश्न में इसको लेकर अतिरिक्त जानकारी नहीं मांगी गई थी। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने भाजपा सदस्य से विस्तृत सवाल लगाने का सुझाव दिया। इससे पहले पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि लोक न्यास अधिनियम-1951 की धारा 14 में प्रावधान है कि लोक न्यास से संबद्ध संपत्ति के विक्रय आदि के लिए पंजीयक की पूर्व स्वीकृति जरूरी है। इसमें प्रावधान है कि न्यास विलेख में दिए गए निर्देशों के अधीन अथवा किसी अदालत द्वारा इस या अन्य किसी विधि के अधीन दिए गए निर्देश के अध्यधीन किसी अचल संपत्ति का विक्रय बंधक विनिमय अथवा दान नहीं किया जाएगा।


