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छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 16 दिसंबर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, एसईसीएल ने डीजल चोरी और संचालन में अनियमितताओं को पूरी तरह रोकने के लिए अपने सभी खनन क्षेत्रों में उन्नत डिजिटल निगरानी और सुरक्षा प्रणाली लागू कर दी है। इस पहल से सुरक्षा, दक्षता और निगरानी, तीनों स्तरों पर ठोस सुधार की उम्मीद की जा रही है।
एसईसीएल के सभी क्विक रिस्पॉन्स टीम वाहनों में अत्याधुनिक जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इन वाहनों की गतिविधियों पर मुख्यालय स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से रियल-टाइम निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव है।
कंपनी की सभी हेवी अर्थ मूविंग मशीनरी में एडवांस डिजिटल सेंसर लगाए गए हैं। ये सेंसर मशीन की लोकेशन, ऑपरेटिंग घंटे, डीजल खपत और असामान्य गतिविधियों की सटीक जानकारी देते हैं। इससे डीजल चोरी की शुरुआती स्तर पर पहचान हो रही है और मशीनों का उपयोग पूरी तरह पारदर्शी बन गया है।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सभी खनन क्षेत्रों में आरएफआईडी आधारित बूम बैरियर लगाए जा रहे हैं। केवल आरएफआईडी टैग वाले अधिकृत वाहन ही खदान परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। वाहन की एंट्री-एग्जिट का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा, जिससे अनधिकृत आवाजाही पर प्रभावी रोक लगेगी।
चयनित ठेका वाहनों और एसईसीएल की लाइट मोटर व्हीकल्स में भी जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। इन वाहनों की रियल-टाइम लोकेशन, रूट, ठहराव समय और मूवमेंट डेटा को आईसीसीसी में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के साथ एआई आधारित सिस्टम से जोड़ा गया है। यह सिस्टम गलत रूट, अनाधिकृत ठहराव और संदिग्ध पैटर्न की स्वतः पहचान करेगा, जिससे डीजल चोरी और फर्जी रिपोर्टिंग की संभावना न्यूनतम होगी।
एसईसीएल प्रबंधन ने कहा है कि डीजल चोरी या किसी भी तरह की अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। दोषी के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


