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-दिलनवाज़ पाशा
बिहार के नवादा ज़िले के रोह थाना क्षेत्र में एक मुसलमान फेरीवाले की पीट-पीट कर हत्या के मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
नवादा के रोह थानाक्षेत्र के प्रभारी रंजन कुमार ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "मोहम्मद अतहर पांच दिसंबर को भीड़ के हमले में घायल हुए थे जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अतहर की इलाज के दौरान 12 दिसंबर को अस्पताल में मौत हो गई. अब तक इस हमले से जुड़े कुल 11 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है."
पुलिस ने हमले के बाद मारपीट का मुक़दमा दर्ज किया था. मोहम्मद अतहर की मौत के बाद इसे हत्या की धाराओं में तब्दील किया जा रहा है.
थाना प्रभारी ने कहा, "पीड़ित की मौत के बाद हमने मुक़दमे में हत्या की धाराएं जोड़ने के लिए अदालत में अर्जी दी है."
मोहम्मद अतहर के परिजनों के मुताबिक़ वो फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करते थे.
उनके भाई चांद मियां ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात की.
उन्होंने कहा, "अतहर को बेरहमी से पीटा गया. अतहर ने अस्पताल में इलाज के दौरान हमें बताया कि उसका नाम पूछकर और मज़हब की पहचान कर उसे और अधिक मारा गया."
अतहर ने अपनी मौत से पहले एक बयान भी दिया जिसका वीडियो उनके परिजनों ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के साथ साझा किया है.
इस वीडियो में घायल अवस्था में अस्पताल के स्ट्रेचर पर लेटे हुए अतहर कह रहे हैं, "हम कपड़ा बेचने के लिए गए थे, लौटते हुए हम लेट हो गए. चार-पांच लोगों ने हमें पकड़ लिया, जेब से 17 हज़ार रुपए और कपड़ा छीन लिया."
अतहर ने वीडियो में कहा कि उनकी पहचान जाहिर होने पर उनके साथ बहुत मारपीट की गई, उन्हें गर्म सरिये से मारा और नाख़ून उखाड़ लिए.
चांद मियां ने बताया कि घटना के बाद राजनीतिक दलों के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उनके परिवार से मिलने पहुंचे हैं और मदद का भरोसा दिया है, हालांकि अभी सरकार की तरफ़ से उनके परिवार की कोई मदद नहीं की गई है.
मृतक मोहम्मद अतहर हुसैन के तीन बच्चे हैं और वो अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे.
इस घटना में गिरफ़्तार किए गए अभियुक्तों का पक्ष नहीं मिल सका है. (bbc.com/hindi)


