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कोलकाता, 14 दिसंबर। पश्चिम बंगाल में कोलकाता की एक अदालत ने अर्जेंटीना के महान फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान मची अफरा-तफरी के सिलसिले में इसके मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में शनिवार को आयोजित लियोनेल मेस्सी के फुटबॉल कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। आयोजन स्थल पर मची व्यापक अफरा-तफरी के बाद यह कार्रवाई की गई, जिसके कारण अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान लियोनेल मेस्सी को मैदान छोड़कर समय से पहले ही लौटना पड़ा।
बिधाननगर पुलिस ने स्टेडियम में मची अफरा-तफरी का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यक्रम ‘‘कुप्रबंधन’’ के आरोप में दत्ता को कोलकाता हवाई अड्डे से ही गिरफ्तार कर लिया जहां वह मेस्सी और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को हैदराबाद जाते समय विदा करने गए थे।
अधिकारी ने बताया कि दत्ता की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है।
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सरकारी वकील ने कहा कि इस कार्यक्रम के आयोजक भीड़ की आवाजाही के लिए जिम्मेदार थे, और आयोजनकर्ताओं की टीम के सदस्य मैदान में इस तरह घूम रहे थे कि दीर्घा में बैठे दर्शक अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान को नहीं देख पा रहे थे।
उन्होंने कहा कि मेस्सी के सख्त घेरे में रहने से कई दर्शक निराश हुए, जिसके कारण तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
सरकारी वकील ने दत्ता की 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की।
सरकारी वकील की अपील का विरोध करते हुए दत्ता के वकील ने कहा कि 14 दिन की हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि सुनवाई के बाद अदालत ने दत्ता को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
दत्ता के वकील ने उनकी गिरफ्तारी के आधार पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि अगले 14 दिन में पुलिस जांच से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।’’
दत्ता को जब अदालत ले जाया गया तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थकों ने अदालत के बाहर प्रदर्शन किया।
मेस्सी के कार्यक्रम के दौरान शनिवार को यहां साल्ट लेक स्टेडियम में मची अफरा-तफरी कानून-व्यवस्था के बड़े मसले में तब्दील हो गई, जिसमें पुलिस ने कुप्रबंधन के आरोप में मुख्य आयोजक को हिरासत में ले लिया, वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए और फुटबॉल के इस दिग्गज खिलाड़ी को देखने से वंचित रहे प्रशंसकों से माफी मांगी।
फुटबॉल के दीवानों के लिए जो जीवन का सबसे सुखद अनुभव हो सकता था, वह एक तरह से बुरी याद में बदल गया क्योंकि बड़ी रकम खर्च करके टिकट खरीदने के बावजूद अर्जेंटीना के इस दिग्गज की एक साफ झलक नहीं मिल पाने से निराश हजारों प्रशंसकों ने यहां साल्ट लेक स्टेडियम के अंदर जमकर प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की।
मेस्सी का विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन का बहुप्रचारित दौरा 2011 के बाद इस मैदान पर उनकी पहली उपस्थिति थी, लेकिन उनका यह दौरा अव्यवस्था का शिकार हो गया।
प्रशंसकों की भीड़ द्वारा सुरक्षा घेरा तोड़े जाने, तोड़-फोड़ और पुलिस के हस्तक्षेप से यह आयोजन फीका पड़ गया। (भाषा)


