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तीन कोयला कारोबारियों के 11 ठिकानों पर छापे, 27.50 करोड़ रुपये किए सरेंडर
14-Dec-2025 2:19 PM
तीन कोयला कारोबारियों के 11 ठिकानों पर छापे, 27.50 करोड़ रुपये किए सरेंडर

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

बिलासपुर, 14 दिसंबर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टेट जीएसटी विभाग ने कोयला कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसा है। यहां महावीर कोल वाशरी, फील कोल और पारस कोल एंड बेनेफिशिएशन से जुड़े 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। यह कार्रवाई रायपुर से पहुंची टीम द्वारा की गई।

12 दिसंबर की सुबह शुरू हुई जांच देर रात तक चली। जीएसटी टीम ने कारोबारियों के ऑफिस, घर, कोल वाशरी और प्लांट में दस्तावेजों की गहन पड़ताल की। लेन-देन, आय और टैक्स रिकॉर्ड की जांच के बाद पहले ही दिन महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़ रुपये सरेंडर किए। जांच के दूसरे दिन फील कोल ग्रुप ने 11 करोड़ रुपये, जबकि पारस कोल वाशरी ने 6 करोड़ 50 लाख रुपये सरेंडर किए। इस तरह तीनों कारोबारियों ने कुल मिलाकर 27 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि सरेंडर की है।

प्रारंभिक जांच में कोल मिक्सिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट में हेराफेरी की आशंका सामने आई है। अफसरों के मुताबिक टैक्स बचाने के लिए अलग-अलग तरीकों से नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।  

बताया जा रहा है कि बिलासपुर के ये तीनों बड़े कोयला कारोबारी काफी समय से जीएसटी की निगरानी में थे। इनका कारोबार कई राज्यों में है। आय और जमा किए गए टैक्स में भारी अंतर पाए जाने के बाद रायपुर की टीम ने बिलासपुर में दबिश दी।

अधिकारियों ने कोयले की मिक्सिंग में उपयोग होने वाले पदार्थों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। फिलहाल इनकी मात्रा का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मात्रा मिलान पूरा होने के बाद टैक्स चोरी के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे।

शनिवार 13 दिसंबर को भी जांच जारी रही। रायपुर से आए अधिकारी दो दिन तक शहर में डटे रहे। व्यापार विहार और लिंक रोड स्थित दफ्तरों के साथ-साथ वाशरी और प्लांट में देर रात तक दस्तावेज खंगाले गए।


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