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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 13 दिसंबर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के डीजीएन डिवीजन में सक्रिय दो हार्डकोर माओवादी—एसडीके एरिया कमेटी सदस्य संतोष उर्फ लालपवन और सीनापाली एरिया कमेटी सदस्य मंजू उर्फ नंदे—ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। दोनों पर 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नक्सल आपरेशन एडिशन एसपी धीरेन्द्र पटेल एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर पुलिस सभाकक्ष में प्रेस वार्ता कर बताया कि शासन की आत्मसमर्पण–पुनर्वास नीति और गरियाबंद पुलिस की लगातार अपील से प्रभावित होकर दोनों माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार दोनों लंबे समय से गरियाबंद और ओडिशा सीमा से जुड़े जंगल क्षेत्रों में सक्रिय थे और कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।
अहम बात यह है कि अब तक गरियाबंद जिले में कुल 20 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिसे नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस आत्मसमर्पण में गरियाबंद पुलिस की ई-30 टीम, सीएएफ 19वीं बटालियन, 207 कोबरा और 65/211 बटालियन सीआरपीएफ का अहम योगदान रहा।
गरियाबंद पुलिस ने शेष सक्रिय माओवादियों से भी अपील की है कि वे आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटें। आत्मसमर्पण के लिए नक्सल सेल गरियाबंद 94792-27805 पर संपर्क किया जा सकता है।


