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हाईकोर्ट के आदेश पर तीन माह में भुगतान के निर्देश
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 13 दिसंबर। अंबिकापुर नगर निगम के पूर्व महापौर और पार्षदों के लंबे समय से अटके मानदेय भुगतान मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने नगर निगम को निर्देशित किया है कि निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार तीन माह के भीतर बकाया मानदेय का भुगतान किया जाए।
यह मामला अंबिकापुर नगर निगम के 2019 से 2025 के कार्यकाल से संबंधित है। जानकारी के अनुसार, जून 2023 से जनवरी 2025 तक पूर्व महापौर और 47 पार्षदों का मानदेय लंबित था। पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की सहित कांग्रेस से जुड़े 21 पार्षदों ने भुगतान नहीं होने पर उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से तर्क दिया गया कि पूर्व जनप्रतिनिधियों ने अब तक उन महीनों का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया है, जिनका मानदेय मांगा जा रहा है। इस पर न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पष्ट निर्देश जारी किए।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता दो सप्ताह के भीतर बकाया मानदेय की अवधि का पूरा ब्यौरा नगर निगम को सौंपें। इसके अनुपालन में 11 दिसंबर को पूर्व महापौर और सभी याचिकाकर्ता पार्षदों ने नगर निगम आयुक्त को अपना विस्तृत विवरण सौंप दिया है।
नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार, कुल 47 पार्षदों और पूर्व महापौर का करीब 1.43 करोड़ रुपये का मानदेय लंबित है। हाईकोर्ट के आदेश के तहत फिलहाल 22 याचिकाकर्ताओं, जिसमें पूर्व महापौर और 21 पार्षद शामिल हैं, को लगभग 67 लाख रुपये का भुगतान अगले तीन माह के भीतर किया जाएगा। यह भुगतान राज्य शासन की 12 मई 2022 की अधिसूचना के अनुसार किया जाएगा।


