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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 दिसंबर। गुरुवार की रात करीब 8 बजे सीपत से लगभग तीन किलोमीटर दूर नरगोड़ा गांव में अचानक एक भटका हुआ अवयस्क हाथी पहुंच गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हाथी को सबसे पहले गौठान के पास घूमते हुए ग्रामीणों ने देखा। खतरा महसूस होते ही लोग घरों से निकलकर नरगोड़ा बस्ती की ओर सुरक्षित स्थानों में पनाह लेने लगे। जानकारी मिलते ही वन विभाग की करीब 30 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि यही किशोर हाथी पिछले 10 दिनों से पोड़ी और ठरकपुर क्षेत्र में आतंक मचाए हुए है, फसलें रौंद रहा है और कई ग्रामीणों को नुकसान पहुंचा चुका है। सीपत सर्किल के डिप्टी रेंजर लक्ष्मी गढ़ेवाल, वनरक्षक सचिन राजपूत सहित पूरी टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है।
इसी अफरा-तफरी के बीच 28 वर्षीय संतोष खरे हाथी की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी ने उन्हें पैर से उछाल दिया, जिससे वह घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही जनपद सदस्य अनिता गुप्ता मौके पर पहुंचीं और अपनी गाड़ी से घायल युवक को सीपत स्वास्थ्य केंद्र ले गईं, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया।
ग्रामीणों में लगातार दहशत का माहौल बना हुआ है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से हाथी की आचानक मौजूदगी के कारण रातभर जागकर गुजारना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोगों की जान-माल दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात में घरों से बाहर न निकलें, समूह में रहें और हाथी के मूवमेंट की किसी भी सूचना को तुरंत विभाग तक पहुंचाएँ, ताकि समय रहते सुरक्षा और राहत के कदम उठाए जा सकें।


