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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 दिसंबर। ग्राम सरगवां मस्तूरी के निवासी अमित कुमार मधुकर ने 9 दिसंबर को साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर संजय अग्रवाल के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी। अवगत कराया था कि गांव के महिला-पुरुषों और दो बच्चों सहित कुल 16 श्रमिक झारखंड के सेमडेगा जिले में एक ईंट भट्ठे पर अमानवीय परिस्थितियों में फंसे हुए हैं तथा उन्हें बंधक बनाकर जबरन श्रम कराया जा रहा है।
कलेक्टर ने मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए श्रम विभाग को कार्रवाई का निर्देश दिया। विभाग ने संबंधित लेबर ठेकेदार नीलकंठ अंबेडकर को कारण बताओ नोटिस जारी किया और आगामी दिनों में श्रम न्यायालय में अभियोजन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की।
बिलासपुर जिला प्रशासन ने इसके साथ ही सेमडेगा, झारखंड जिला प्रशासन से संपर्क स्थापित कर श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई के लिए कदम उठाए। परिणाम यह हुआ कि 10 दिसंबर की सुबह सभी 16 श्रमिकों को बंधन से मुक्त कर दिया गया। अब वे सभी सकुशल अपने गृह ग्राम सरगवां वापस पहुंच गए हैं।


