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राम नायडू को तोखन साहू ने सीएम से चर्चा करने का दिया आश्वासन
जंतर मंतर पर धरना, पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और सांसद महंत हुईं शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 दिसंबर। बिलासा एयरपोर्ट के विस्तार और नई उड़ानों की मांग को लेकर हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति की दिल्ली में जारी मुहिम को सकारात्मक प्रासाद मिला है। समिति के 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात कर तीन ज्ञापन सौंपे थे। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास, धनराशि आवंटन और नई उड़ानों की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा हो चुकी है।
मुलाकात के दौरान तोखन साहू ने मंत्री नायडू को बताया कि बिलासपुर की यह लड़ाई पिछले छह वर्षों से चल रही है और एयरपोर्ट विस्तार की मांग अब जनांदोलन का रूप ले चुकी है। इस पर मंत्री नायडू हैरान हुए और कहा कि इतना लंबा संघर्ष चिंताजनक है। समिति ने बताया कि चूंकि बिलासपुर एयरपोर्ट राज्य सरकार के स्वामित्व में है, इसलिए केंद्र से सीधे फंड प्राप्त नहीं हो पाता। समिति ने सुझाव दिया कि स्मार्ट सिटी की तरह राज्य–स्थानीय निकाय के अधीन एयरपोर्ट होने के बावजूद केंद्र को सीधे धन आवंटन की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे ऐसे एयरपोर्ट का तेजी से विकास हो सके।
इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए मंत्री नायडू ने कहा कि यदि राज्य सरकार एयरपोर्ट प्रबंधन को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ एमओयू के तहत सौंप देती है, तो केंद्र सरकार बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास हेतु सीधा अनुदान प्रदान कर सकती है। राज्य मंत्री तोखन साहू ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस विषय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करेंगे।
एयरलाइंस द्वारा बिलासपुर से उड़ानों में की गई कटौती पर भी मंत्री नायडू ने चिंता जताई और एलायंस एयर अधिकारियों से कारण बताने को कहा। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से पूछा कि वे कम से कम किन दो नई उड़ानों की मांग कर रहे हैं। समिति ने दिल्ली के लिए रेगुलर डायरेक्ट फ्लाइट और हैदराबाद के लिए नई सेवा आरंभ करने की जोरदार मांग रखी। आंध्र समाज बिलासपुर द्वारा दिए गए ज्ञापन में भी दक्षिण भारत के लिए नियमित उड़ानों की आवश्यकता बताई गई। मंत्री ने इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिलाया।
गुरुवार दोपहर प्रतिनिधिमंडल ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जंतर मंतर पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। दोपहर 2 से 5 बजे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी, रैली और मौन प्रदर्शन शामिल रहे। विशेष बात यह रही कि धरने में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत भी शामिल हुए।
बघेल ने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू हुए विकास कार्यों को अपेक्षित गति नहीं मिली और कटाक्ष करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में सिंगल इंजन जितना भी पावर नहीं है। वहीं सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि बिलासपुर न्यायधानी, रेलवे जोन और एसईसीएल मुख्यालय होने के कारण सर्वसुविधायुक्त एयरपोर्ट का अधिकार रखता है और केंद्र सरकार को इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
धरना देने वालों में समिति के सक्रिय सदस्य रामशरण यादव, अशोक भंडारी, बद्री यादव, समीर अहमद बबला, विजय वर्मा, मनोज श्रीवास, दीपक कश्यप, गोपी राव, शेख नजीरुद्दीन, नरेंद्र बॉलर, सोमनाथ यादव, प्रकाश बहरानी, राजेंद्र शुक्ला, देवी सिंह, बद्री प्रसाद केवट, परसराम केवट, प्रशांत सिंह, शिरीष कश्यप, आशीष खत्री, अनूप तिवारी, ऋत्विक चंद्रशेखर बघेल, हरेंद्र रावत, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव शामिल रहे।


