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फर्जी चेक थमाकर 21 लाख से अधिक की ठगी, व्यापारियों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंपा
12-Dec-2025 12:15 PM
फर्जी चेक थमाकर 21 लाख से अधिक की ठगी, व्यापारियों ने आरोपी को दबोचकर पुलिस को सौंपा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 12 दिसंबर। शहर में पिछले कुछ महीनों से दुकानदारों को फर्जी चेक देकर सामान ले जाने वाले कोरबा निवासी युवक को व्यापारियों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी उज्जवल विश्वास पिता निरंजन विश्वास (35 वर्ष), निवासी रवि शुक्ला नगर कोरबा, अलग-अलग दुकानों से कीमती सामान खरीदकर ऑनलाइन भुगतान का दिखावा करता था। पेमेंट न होने पर वह दुकानदारों को चेक थमा देता और सामान लेकर चलता बनता था। जब व्यापारी बैंक में चेक जमा करते, तो खाते में राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो जाते।

लंबे समय से परेशान व्यापारियों ने उससे संपर्क किया, लेकिन वह लगातार बहाने बनाकर उन्हें टालता रहा। बुधवार रात व्यापार विहार में घूमते हुए व्यापारियों ने उसे पहचान लिया और पकड़कर उसकी जमकर खातिरदारी की और बाद में सिविल लाइन पुलिस के हवाले कर दिया। गुरुवार को बड़ी संख्या में व्यापारी थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

सिविल लाइन टीआई एस.आर. साहू ने बताया कि सरकंडा निवासी विशाल पमलानी, जिनकी जरहाभाठा में इलेक्ट्रॉनिक दुकान है, ने रिपोर्ट में बताया कि उज्जवल विश्वास ने उनकी दुकान से एक लाख रुपये का सामान खरीदा था और फर्जी चेक थमाया, जो राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इसी तरह अन्य 7 व्यापारियों ने भी शिकायत दर्ज कराई है। कुल मिलाकर 8 व्यापारियों से 21 लाख 30 हजार 474 रुपये की ठगी उज्जवल विश्वास द्वारा किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

इसी बीच साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले फरार आरोपी दीपक विश्वकर्मा (45 वर्ष), निवासी राजेंद्रनगर, अमलीडीह को सिरगिट्टी से गिरफ्तार कर लिया है।

सीएसपी निमितेश सिंह परिहार ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के पांच मामलों में पहले ही 27 जालसाजों को पकड़ा जा चुका है। पूछताछ में सामने आया था कि दीपक विश्वकर्मा इन जालसाजों को कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। वह प्रत्येक खाते के लिए 10 हजार रुपये लेता था और खाते में ठगी की रकम आने पर प्रतिशत के आधार पर और राशि वसूलता था। दीपक हेमूनगर में किराये में रहकर ट्रेन में कोच अटेंडर का काम करता था और रेलवे कोर्ट के एक प्रकरण में भी फरार चल रहा था। गुरुवार को सूचना मिलने पर साइबर सेल ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।


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