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कई जिलों में चयन प्रक्रिया पर उठाया सवाल, याचिका दायर की जा रही
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 दिसंबर। एसआई भर्ती विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अब आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों से आए अभ्यर्थी हाईकोर्ट पहुंचे और गेट के सामने सभा कर याचिका दायर करने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया। जिसके बाद सभी अभ्यर्थी शाम को पुलिस ग्राउंड पहुंचे और शुक्रवार को सामूहिक रूप से हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत करने पर सहमत हुए।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि घोषित मेरिट सूची में भारी गड़बड़ी की गई है। कम अंक पाने वालों का चयन कर लिया गया, जबकि उच्च अंक वाले योग्य उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया न तो पारदर्शी रही और न ही नियमों का सही पालन किया गया।
प्रदेश के सभी 33 जिलों में कुल 5967 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी और 9 दिसंबर को जिला स्तरीय चयन सूची जारी हुई। 10 दिसंबर को रणनीति बनाने के बाद हजारों युवा 11 दिसंबर को बिलासपुर पहुंचे और विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों से तथ्य जुटाकर गड़बड़ी की एक सूची तैयार की। अब वे इस पूरे प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट में न्याय के लिए याचिका दायर करने जा रहे हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि एक ही कैंडिडेट का नाम 5-6 जिलों की सूची में दिखाई दे रहा है, जबकि वह अंततः केवल एक ही जिले में जॉइन करेगा। ऐसे में बड़ी संख्या में पद खाली रह जाएंगे और योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित हो जाएंगे। भर्ती 2007 के राजपत्र के आधार पर हुई है, जिसमें बताया गया है कि उम्मीदवार कई जिलों में आवेदन कर सकते हैं, लेकिन चयन केवल एक जगह से होगा। इससे कुल पदों की पूर्ति कठिन हो जाएगी।
कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनके अधिक अंक होने के बावजूद भी उनका चयन नहीं हुआ। मुंगेली जिले के एक उम्मीदवार ने बताया कि शारीरिक परीक्षा में 200 में से 76 और लिखित में 100 में से 60 अंक मिलने के बाद भी उसे ओबीसी वर्ग में होने के बावजूद बाहर कर दिया गया, जबकि उससे कम अंक वाले उम्मीदवार सामान्य वर्ग में चयनित हो गए हैं। इसी तरह कई जिलों में रिजल्ट और वेटिंग लिस्ट में भी विसंगतियां हैं।
कुछ जिलों में आवेदन नंबर समान होने पर भी अलग-अलग नाम दर्ज मिले हैं। कोंडागांव और नारायणपुर में कई मामलों में एक ही एप्लीकेशन नंबर पर दो-दो नाम पाए गए हैं। बिलासपुर जिले में सिर्फ नाम और आवेदन नंबर जारी किए गए हैं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चयनित उम्मीदवारों के नाम छिपाने की कोशिश की जा रही है।
गुरुवार शाम अभ्यर्थी पुलिस ग्राउंड में चर्चा कर रहे थे, जहां पुलिस टीम ने उन्हें हटने की चेतावनी दी। इसके बाद अभ्यर्थी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और एसएसपी रजनेश सिंह से शिकायत की। उन्होंने जिलों में सामने आई गड़बड़ियों की जानकारी साझा की। एसएसपी ने आरोपों के समर्थन में प्रमाण मांगा, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने जानकारी संकलित करने के लिए पुलिस ग्राउंड में जगह देने की मांग की। इस पर एसएसपी ने आरआई को निर्देश दिया कि अभ्यर्थियों को पुलिस ग्राउंड से न हटाया जाए।


