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नयी दिल्ली, 11 दिसंबर। जनता दल (यूनाइटेड) नेता केसी त्यागी ने डीजीसीए और विमानन कंपनियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली-मुंबई उड़ान के लिए उन्हें 40,000 रुपये से अधिक की भारी रकम खर्च करनी पड़ी।
अपने पार्टी सहयोगी और परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय झा को लिखे पत्र एक में त्यागी ने कहा कि वह एअर इंडिया द्वारा ‘‘मनमाने ढंग से किराया वसूलने’’ का शिकार हुए हैं।
उनका यह आरोप इंडिगो की उड़ानों में व्यवधान के बाद आया है। विमानन कंपनी की सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जद (यू) नेता त्यागी ने अपने पत्र में डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) अधिकारियों पर विमानन कंपनियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने सात दिसंबर को दिल्ली से मुंबई जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान के लिए 42,151 रुपये का भुगतान किया।
त्यागी ने कहा, ‘‘इंडिगो के मौजूदा कुप्रबंधन ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र की अराजकता को उजागर कर दिया है... उच्च न्यायालय के 2024 के निर्देश की अवहेलना स्पष्ट हो गई है। यह डीजीसीए अधिकारियों की मिलीभगत के कारण है, जिन्होंने नियमों के अनुपालन में ढिलाई को रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किया।’’
त्यागी ने कहा, ‘‘मैं एअर इंडिया के मनमानेपन और क्रूर शोषण का शिकार हूं। मैं एअर इंडिया द्वारा लगाए गए मनमाने शुल्कों के सबूत पेश कर रहा हूं। मैं आपको इस मनमाने शुल्क का प्रमाण भेज रहा हूं, जिसमें दिल्ली-मुंबई का किराया तीन गुना से भी अधिक है।”
उन्होंने कहा कि वह नागर विमानन संबंधी संसदीय समिति के सदस्य रह चुके हैं और “इसकी क्षमताओं से वाकिफ हैं... उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करेंगे। वसूली गई राशि वापस की जानी चाहिए ताकि अन्य उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सके।” (भाषा)


