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पैसों की लालच में तंत्र-मंत्र, स्क्रैप कारोबारी समेत तीन की मौत
11-Dec-2025 1:38 PM
पैसों की लालच में तंत्र-मंत्र, स्क्रैप कारोबारी समेत तीन की मौत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 11 दिसंबर। कोरबा जिले में तंत्र-मंत्र के जरिये धन-लिप्सा की पूर्ति के चलते तीन लोगों की मौत हो गई। उजागर कर रही है। बुधवार 10 दिसंबर को उरला थाना क्षेत्र के ग्राम कुदरी स्थित एक फार्महाउस में यह हादसा हुआ। जान गंवाने वालों में एक स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन (उम्र 45 वर्ष) शामिल है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को तंत्र-मंत्र अनुष्ठान के सुराग मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पीड़ितों को 5 लाख रुपये के 2.5 करोड़ बनाने का लालच देकर एक कमरे में बंद कर दिया गया था। चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक कथित रूप से तांत्रिक है। मौत का सटीक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के इंतजार में है।

मामले ने मंगलवार शाम से रंग लिया। पुलिस के अनुसार अशरफ मेमन ने अपने दो सहयोगियों बिलासपुर निवासी मोहम्मद सलीम (उम्र 38 वर्ष) और स्थानीय निवासी राजेश पटेल (उम्र 42 वर्ष) के साथ एक निजी बैठक की। इन तीनों से बाबा जी नाम के एक तांत्रिक ने संपर्क किया था। तांत्रिक ने दावा किया कि वह एक शक्तिशाली अनुष्ठान के जरिए निवेशित धन को दोगुना-चौगुना और कई गुना कर सकता है। तांत्रिक ने पीड़ितों को झांसे में लेने के लिए कहा कि वे 5 लाख रुपये लाएं, जिसे नींबू-मंत्र विधि से 2.5 करोड़ में बदल दिया जाएगा। यह विधि कथित रूप से एक रात के अनुष्ठान पर आधारित थी, जिसमें जड़ी-बूटियां और विशेष मंत्र का इस्तेमाल होता। अशरफ पुराना कोरबा में स्क्रैप यार्ड चलाता था, आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। उन्होंने अपने साथियों को विश्वास दिलाया कि यह जल्दी अमीर बनने का सुनहरा मौका है।

बुधवार रात करीब 10 बजे, तीनों फार्महाउस पहुंचे। तांत्रिक ने एक कमरे में अनुष्ठान शुरू किया। फार्महाउस का मालिक बाहर इंतजार कर रहा था। उसके अनुसार, कमरे से मंत्रों की आवाजें और धूप की तेज गंध आ रही थी। तांत्रिक ने पीड़ितों को नींबू देकर कमरा बंद कर दिया और कहा कि रात भर प्रतीक्षा करें, सुबह चमत्कार होगा। लेकिन आज सुबह जब दरवाजा खोला गया, तो तीनों शव एक ही कमरे में पड़े मिले। शवों पर गले में निशान, चोट के चिह्न और जड़ी-बूटियों के अवशेष मिले।

पुलिस ने फार्महाउस की तलाशी ली। इस दौरान अनुष्ठान सामग्री मिले, जिनमें काले जादू की किताबें, नींबू, लाल धागा, और कुछ रसायन शामिल हैं। एक संदिग्ध ने पूछताछ में कबूल किया कि अनुष्ठान में विषैली जड़ी-बूटियां इस्तेमाल की गईं, जो शायद गलत मात्रा में दी गईं।

मालूम हो कि अशरफ मेमन पुराना कोरबा इलाके का प्रमुख स्क्रैप कारोबारी था। उसकी पत्नी और दो बच्चे अब बेसहारा हो गए हैं। वह व्यवसाय में घाटे के कारण कर्ज में डूबा था। परिवार ने बताया कि वह जल्दी अमीर बनने के चक्कर में कई बाबाओं के पास जाता रहता था। मोहम्मद सलीम बिलासपुर से अशरफ से था, जो उसका व्यापारिक साझेदार था। उसे भी हाल ही में नुकसान हुआ था, जिससे वह तांत्रिक के वादों पर भरोसा कर बैठा। तीसरा राजेश पटेल कुदरी गांव का रहने वाला अशरफ का कर्मचारी था। अशरफ का करीबी होने के चलते वह अनुष्ठान में सहयोग के लिए शामिल हुआ था। अशरफ की पत्नी ने रोते हुए मीडिया से कहा कि वह हमेशा कहते थे कि एक बड़ा धंधा करेंगे। लेकिन यह लालच उनकी जान का दुश्मन बन गया। सलीम के भाई ने आरोप लगाया कि तांत्रिक ने धोखा दिया।

पुलिस ने आईपीएस की धारा 302 (हत्या), 420 (धोखाधड़ी) और 34 (साझा साजिश) के तहत अपराध दर्ज किया है। एसपी कोरबा ने बताया है कि मौत का कारण शक के दायरे में है। जहर देने, गला घोंटने या रसायनों से मौतें हुई हो सकती है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट 12 दिसंबर तक आएगी, तब साफ वजह सामने आएगी। चार संदिग्ध हिरासत में हैं। इनमें तांत्रिक बाबा जी समेत दो सहयोगी और फार्महाउस का मैनेजर शामिल है।

पुलिस ने बताया कि पास के जंगल इलाके में रहने वाले तांत्रिक बाबा जी (लगभग 50 वर्षीय) पर पहले भी अंधविश्वास फैलाने के केस दर्ज हैं। एक सहयोगी ने कबूल किया कि अनुष्ठान विफल होने पर रात में विवाद हुआ था। पुलिस को संदेह है कि लालच में पीड़ितों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया था। कमरे से मिले नींबू पर मंत्र लिखे थे। फॉरेंसिक टीम ने इसके सैंपल लिए हैं।

घटना के बाद कुदरी गांव में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। तांत्रिकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। एक बुजुर्ग ने कहा कि ये बाबा गांवों में घूम-घूमकर गरीबों का शोषण करते हैं। सरकार को ऐसे ठिकानों पर नजर रखनी चाहिए।

मालूम हो कि छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़ी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अक्टूबर 2024 में सक्ती जिले में एक परिवार के छह सदस्य तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान बेहोश हो गए थे और दो लोगों की मौत भी हो गई थी। और कुछ पहले जुलाई 2023 में कोरबा में ही एक दंपती को बांझपन दूर करने के नाम पर जड़ी-बूटियां दी गई, जिससे एक महिला की मौत हुई। सितंबर 2018 में सूरजपुर में पति-पुत्र ने मृत पत्नी को जिंदा करने के लिए छह माह तक अनुष्ठान किया, विफल रहा।


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