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राज्य में 5,755 कि.मी. रेल लाइन का सर्वेक्षण जारी
छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 10 दिसंबर । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोक सभा में सांसद विजय बघेल के प्रश्न के उत्तर में छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत परियोजनाओं, उनकी प्रगति और वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण दिया।
मंत्री ने बताया कि राज्य के लिए रेल बजट आबंटन में एक ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। जहां 2009-2014 के दौरान औसत वार्षिक परिव्यय मात्र ₹311 करोड़ प्रति वर्ष था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए यह बढ़कर ₹6,925 करोड़ हो गया है, जो 22 गुना से अधिक की वृद्धि है। प्रगतिरत परियोजनाओं में राज्य की अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नई लाइनें और क्षमता विस्तार कार्य शामिल हैं - खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा नई लाइन (278 किमी): ₹7,854 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राज्य के पूर्वी और मध्य भागों को नई कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। रावघाट-जगदलपुर नई लाइन (140 किमी): ₹3,513 करोड़ की लागत से नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में यह एक गेम-चेंजर परियोजना है। गेवरा रोड-पेंड्रा रोड नई लाइन (157 किमी): ₹3,923 करोड़ की लागत से बनने वाली यह लाइन कोयला और खनिज परिवहन को सुगम बनाएगी। खरसिया-परमालकसा 5वीं और 6वीं लाइन (278 किमी): ₹7,854 करोड़ की लागत से यह परियोजना माल ढुलाई की क्षमता को अभूतपूर्व रूप से बढ़ाएगी और संकुलन को कम करेगी। बोरीडांड-अम्बिकापुर दोहरीकरण (80 किमी) और बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन (206 किमी) जैसी परियोजनाएं भी तेज गति से प्रगति पर हैं।
मंत्री श्री वैष्णव ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में भविष्य के रेल नेटवर्क के लिए एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) और चालू वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान, राज्य में पूर्णतः/अंशतः पड़ने वाले कुल 5,755 किलोमीटर लंबाई को कवर करने वाले 61 सर्वेक्षण कार्य (26 नई लाइन और 35 दोहरीकरण) शुरू किए गए हैं। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के त्वरित विकास के लिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।


