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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान, बीजेपी शासित केंद्र सरकार पर “संस्थाओं पर कब्जा करने” का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “मैं सबसे पहले तीन सवाल पूछना चाहूंगा, जो यह बिल्कुल साफ कर देंगे कि बीजेपी चुनाव आयोग का इस्तेमाल भारत के लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रही है.”
उन्होंने पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने वाली चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश को क्यों हटाया गया. उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ही यह फैसला करते हैं कि चुनाव आयुक्त कौन बनेगा. उन्होंने पूछा कि वह कानून क्यों बनाया गया, जो चुनाव आयोग को चुनाव के 45 दिनों बाद सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने का अधिकार देता है.
राहुल गांधी ने यह भी पूछा कि दिसंबर, 2023 में सरकार ने कानून में बदलाव क्यों किया, जो यह सुनिश्चित करता है कि चुनाव आयुक्तों का कार्यकाल पूरा होने के बाद, उनके किसी भी फैसले के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार आने पर वे इस कानून में बदलाव करेंगे.
उन्होंने मांग की कि चुनाव से एक महीने पहले सभी राजनीतिक पार्टियों को मशीन से पढ़ी जा सकने वालीं मतदाता सूचियां दी जाएं. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की संरचना के बारे में जानकारी देने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि हमारे विशेषज्ञों को यह देखने दीजिए कि ईवीएम के अंदर क्या है. (dw.com/hi)


