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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 6 दिसंबर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की शनिवार को दोपहर राजीव भवन में बैठक हुई। जिसमें प्रभारी सचिव विजय जांगिड़, जेरिता लैतफलांग, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी शामिल हुए। इस बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने नए अध्यक्षों को मार्गदर्शन दिया। जिलाध्यक्षों को अगले तीन महीने की कार्ययोजना से अवगत कराया गया। साथ ही एसआईआर निगरानी की समीक्षा की गई। सभी जिलाध्यक्षों को 14 दिसंबर की दिल्ली रैली में अधिकाधीक कार्यकर्ताओं को ले जाने का लक्ष्य दिया गया। बैठक में गाइडलाइन दरों के खिलाफ और धान खरीदी की अव्यवस्था पर आंदोलन करने भी कहा गया। आज रायपुर शहर के अध्यक्ष श्री कुमार मेनन ने भी अपना पद संभाला। उन्हें वरिष्ठ नेताओं ने अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाया।
अब संगठन आगे होगा, व्यक्ति थोड़ा पीछे - टीएस
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने कहा कि यह नियुक्ति कांग्रेस के मूल स्वरूप को बदलने वाली है।कोशिश है कि हम भी कैडर बेस्ड पार्टी खड़ा कर सकें। कांग्रेस में लोग केवल व्यक्ति से जुड़ने लगे थे, पार्टी से नहीं।अब संगठन आगे होगा, व्यक्ति थोड़ा पीछे रहेंगे।पूरा परिवर्तन लाने में थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन जितनी देर करते उतना पीछे रहते।
कांग्रेस की ट्रेनिंग में 'ट्रिपल टी' 'ट्रिपल पी' का पाठ : केदार
वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के सभी 41 नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को राहुल गांधी द्वारा ट्रेनिंग देने की खबरों के मद्देनजर कटाक्ष किया है केदार ने कहा है कि कांग्रेस में तो संगठनात्मक प्रशिक्षण का तो कोई कॉन्सेप्ट कभी नजर ही नहीं आया है, तो प्रस्तावित ट्रेनिंग कैम्प में 10 दिनों तक कार्यकर्ताओं को 'ट्रिपल टी' ('ट्रांसफर, टेण्डर और टिकट) की सीख ही दी जाएगी, 'ट्रिपल पी' (परमपूज्य पोलिटिकल परिवारवादी पार्टी) की चरण-वंदना का पाठ पढ़ाया जाएगा।संगठन सृजन के दावे हवा-हवाई ही निकले क्योंकि दिग्गजों के करीबियों को ही अंततः कमान सौंप दी गई। उसमें भी लेन-देन, गुटबाजी और परस्पर आरोप-प्रत्यारोप के चलते उसमें भी वह फिसड्डी ही साबित हुई। युवा नेतृत्व को आगे लाने की बातें जुमलेबाजी ही साबित हुई हैं।


