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सड़कों पर स्टंट और हाईवे पर बर्थ-डे पर हाईकोर्ट की फटकार, मुख्य सचिव से मांगा व्यक्तिगत शपथ पत्र
03-Dec-2025 12:57 PM
सड़कों पर स्टंट और हाईवे पर बर्थ-डे पर हाईकोर्ट की फटकार, मुख्य सचिव से मांगा व्यक्तिगत शपथ पत्र

छत्तीसगढ़' संवाददाता 

बिलासपुर, 3 दिसंबर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश में सड़कों और नेशनल हाईवे पर बढ़ रही गुंडागर्दी, स्टंटबाजी और खुलेआम नियम तोड़ने पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि अमीर और प्रभावशाली लोग ट्रैफिक नियमों को मजाक बना रहे हैं और राज्य सरकार की गाइडलाइंस केवल कागजों में ही दबकर रह गई हैं। कोर्ट ने मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा सौंपने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 4 दिसंबर को तय की है।

पहला मामला बिलासपुर के रिवर व्यू क्षेत्र का है। एक युवक कार की बोनट पर बैठकर स्टंट करता और जोर-जोर से अपनी दबंगई का दावा करता नजर आया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। डिप्टी एडवोकेट जनरल शशांक ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और वाहन को भी जब्त कर लिया गया है।

दूसरा मामला कोरिया जिले के बैकुंठपुर का है, जहां सोनहत ब्लॉक के बीएमओ डॉ. अनित बखला ने नेशनल हाईवे नंबर 43 पर ही अपना जन्मदिन मना डाला। वीडियो में दिखा कि हाईवे पर पटाखे फोड़े गए, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक सरकारी अधिकारी से ऐसी लापरवाही बेहद शर्मनाक है।
डिप्टी एजी ने बताया कि बीएमओ और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 285, 288, 3(5) तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 122 और 177 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। बीएमओ शहर से बाहर थे, इसलिए वाहन जब्त नहीं हो पाया, पर शाम तक कार्रवाई होने की बात कही गई।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव की ओर से पहले दिए गए शपथ पत्रों का उल्लेख किया, जिनमें कहा गया था कि सभी अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लेकिन लगातार वायरल हो रहे वीडियो कोर्ट के सामने साफ तस्वीर रख रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि नियमन की कमी, कानून का डर खत्म और प्रशासन की ढीली पकड़ है। ज्यादातर घटनाएं प्रभावशाली लोग कर रहे हैं और निर्देश लागू नहीं हो रहे, अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। यदि सरकार सख्त कदम नहीं उठाती, तो कोर्ट आवश्यक आदेश जारी करेगा।

4 दिसंबर की सुनवाई में सरकार को बताना होगा कि हाईवे और सड़कों की अव्यवस्था, स्टंटबाजी और सार्वजनिक जगहों पर खतरनाक हरकतों पर रोक लगाने के लिए क्या-क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
 

 

 


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