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जमीन की गाइड लाइन दरों का नहीं होगा पुनरीक्षण
02-Dec-2025 4:43 PM
जमीन की गाइड लाइन दरों का नहीं होगा पुनरीक्षण

प्रदेश भर में विरोध जारी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर,2 दिसंबर। प्रदेश में जमीन की गाइड लाइन दरों में भारी बढ़ोतरी का चौतरफा विरोध हो रहा है। दुर्ग में तो सोमवार को लाठीचार्ज भी हुआ। कारोबारी-बिल्डर, और भाजपा के कई नेता जमीन दरों के पुनरीक्षण के लिए दबाव बनाए हुए हैं, और गाइड लाइन दरों में पुनरीक्षण की चर्चा है। मगर विभागीय अफसरों ने साफ कर दिया है कि जमीन दरों में पुनरीक्षण का कोई प्रस्ताव नहीं है।

आईजी (पंजीयन) पुष्पेन्द्र मीणा ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कुछ जगहों पर गाइड लाइन दरों में त्रुटियों की शिकायत का परीक्षण किया जा रहा है, लेकिन पुनरीक्षण का कोई प्रस्ताव नहीं है। शासन से भी कोई दिशा निर्देश नहीं है।

 

सरकार ने 20 नवंबर से जमीन की गाइड लाइन दरों में भारी बढ़ोतरी की है। शहर में 20 फीसदी और शहर से सटे ग्रामीण इलाकों में 400 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके खिलाफ जमीन के कारोबारी, और बिल्डर लामबंद हुए हैं। सभी जिलों में प्रदर्शन भी हो रहा है। इन सबके बीच जिलों में नियमित रजिस्ट्री में काफी कमी आई है। इन सबको देखते हुए जमीन की दरों में पुनरीक्षण के लिए दबाव है।

पिछले दिनों बिल्डरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात भी की थी। उन्होंने गाइड लाइन दरों में संशोधन को लेकर सुझाव भी दिए थे। मगर सरकार फिलहाल इस मसले पर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक गाइड लाइन दरों में वृद्धि 8 साल बाद हुई है। ऐसे में पीछे हटने का सवाल नहीं है। दूसरी तरफ, यह मामला विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी गूंजेगा। बहरहाल, आने वाले दिनों में विवाद बढऩे के आसार है


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