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शांति नगर-बीआईटी प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर
02-Dec-2025 4:40 PM
शांति नगर-बीआईटी प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल पर

साढ़े 7 सौ करोड़ खर्च होंगे, बृजमोहन ने किया था विरोध

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर,2 दिसंबर। राजधानी के शांति नगर, और शंकर नगर बीआईटी प्रोजेक्ट पर मंथन चल रहा है। हाउसिंग बोर्ड ने दोनों ही प्रोजेक्ट पीपीपी मॉडल से पूरा करने का प्रस्ताव दिया है। करीब साढ़े 7 सौ करोड़ के दोनों प्रोजेक्ट पर माहांत तक काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

हाऊसिंग बोर्ड के चेयरमैन अनुराग सिंहदेव ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में बताया कि बोर्ड ने सरकार की रिडेवलपमेंट स्कीम के तहत बोर्ड ने शांति नगर परियोजना,और बीआईटी मैदान शंकर नगर में आवासीय-व्यवसायिक निर्माण के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।

उन्होंने कहा कि दोनों ही योजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल से पूरा करने का प्रस्ताव दिया गया है। सीएस की हाई पावर कमेटी प्रस्ताव पर विचार करेगी, और इस पर मुहर लगते ही माह के अंत तक दोनों ही परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।

बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि यदि बोर्ड के पीपीपी मॉडल को सरकार मान लेती है, तो राष्ट्रीय स्तर पर निजी कंपनियों से ऑफर बुलाए जाएंगे।

हालांकि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उक्त दोनों परियोजना पर आपत्ति की है, और इस सिलसिले में सीएम विष्णुदेव साय को चिट्ठी भी लिखी थी। बावजूद इसके योजना पर काम आगे बढ़ रहा है।

 

बताया गया कि पिछली सरकार ने भी शांति नगर की कुल 27 एकड़ जमीन पर आवासीय-व्यावसायिक निर्माण की योजना बनाई थी। यह योजना पीपीपी मॉडल पर पूरा करने की योजना थी। भूपेश सरकार ने तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई थी, और योजना का क्रियान्वयन हाऊंिंसंग बोर्ड के माध्यम से करने की योजना थी। करीब 12 सौ करोड़ की योजना पर आगे कोई काम नहीं हो सका।

 हाउसिंग बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन कुलदीप जुनेजा योजना पर काम शुरू करने के लिए काफी कोशिशें करते रहे। मगर कैबिनेट उपसमिति ने आगे रूचि नहीं दिखाई। इसके बाद योजना पर आगे काम शुरू नहीं हो पाया है। जलसंसाधन विभाग की जमीन पर काबिज अतिक्रमण के हटाया जा चुका है।

यही नहीं, सरकारी क्वार्टर को काफी पहले हटा दिया गया था। पिछली सरकार में शांतिनगर योजना को चार चरणों में पूरा करने की योजना थी। इसके अलावा शंकरनगर बीटीआई मैदान को भी सरकार ने री-डेव्हलपमेंट स्कीम में शामिल किया है।  दोनों ही परियोजना मिलाकर करीब साढ़े 7 सौ करोड़ की योजना है। इसमें आवासीय, और व्यावसायिक काम्पलेक्स का निर्माण होगा। बकायदा री-डेव्हलपमेंट स्कीम को काफी पहले ही कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। शहर के पाश इलाके में प्रस्तावित इस योजना के क्रियान्वयन से हाऊसिंग बोर्ड को भी बड़ा फायदा होगा।


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