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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 26 फरवरी। जिला अस्पताल में प्रसव के बाद परिजनों से पैसे मांगने के आरोप में दो स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह कार्रवाई की।
संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बिलासपुर कार्यालय से 25 फरवरी को जारी आदेश में बताया गया है कि यह कदम सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है। शिकायत में कहा गया था कि स्टाफ नर्स लक्ष्मी वर्मा और संजू चौरसिया प्रसव कराने आई महिलाओं के परिजनों से खर्च और फॉर्म जमा करने के नाम पर रकम मांग रही थीं।
प्रारंभिक जांच में यह कृत्य सेवा नियमों के खिलाफ पाया गया। इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 का उल्लंघन माना गया। दोनों नर्सों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर तय किया गया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक महिला कर्मचारी प्रसव के बाद परिजनों से पैसे मांगती दिखाई दे रही है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इसे रिवाज बताकर पैसा लिया जाता है, जबकि सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी की सभी सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल के मातृ-शिशु भवन में लंबे समय से प्रसव के बाद परिजनों से मिठाई या खर्चा पानी के नाम पर पैसे लेने की प्रथा चल रही थी। सामान्य डिलीवरी हो या ऑपरेशन से प्रसव, दोनों ही मामलों में परिजनों से रकम मांगे जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी शिकायतें हुईं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।


