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सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी, तकनीक व जागरूकता दोनों जरूरी-दुहन
बिलासपुर, 2 दिसंबर। एसईसीएल मुख्यालय में सोमवार को वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 की औपचारिक शुरुआत की गई।
1 से 14 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान का शुभारंभ अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने सुरक्षा ध्वज फहराकर किया। इस दौरान निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और श्रम संघ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह में सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि खदान क्षेत्रों में शून्य दुर्घटना का लक्ष्य तभी संभव है जब हर कर्मचारी सतर्क रहकर जिम्मेदारी के साथ काम करे।
उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं करनी है जिससे खुद या साथी कर्मियों की जान खतरे में पड़े। सुरक्षा सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है और जागरूकता से ही सुरक्षित कार्यसंस्कृति बनती है।
दुहन ने कर्मचारियों से अपील की कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करने में कभी ढिलाई न बरतें और अपने साथियों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने कहा कि सुरक्षा सिर्फ नियमों से नहीं, बल्कि रवैये और अनुशासन से मजबूत होती है।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने शहीद स्मारक और खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद सभी उपस्थितों ने मुख्य अतिथि के साथ सुरक्षा शपथ दोहराई।
मंचस्थ अतिथियों द्वारा सुरक्षा से समृद्धि बुकलेट का विमोचन किया गया, जिसमें कोयला खदानों से जुड़े सुरक्षा मानकों का विस्तृत विवरण शामिल है।
समारोह में कुसमुंडा क्षेत्र की टीम ने ‘सुरक्षा’ विषय पर नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें खदानों में काम करते वक्त सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख दी गई।
कार्यक्रम के अंत में सीएमडी दुहन, निदेशक तकनीकी एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास और सीवीओ हिमांशु जैन ने सुरक्षा रथ को हरी झंडी दिखाकर एसईसीएल के सभी क्षेत्रों के लिए रवाना किया, ताकि सुरक्षा जागरूकता ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों तक पहुंचे।
कार्यक्रम का संचालन शेख जाकिर हुसैन, मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) ने किया।


