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संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य मुद्दों पर चर्चा की मांग की.
विपक्षी दलों के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बाधित रही और दो बार के कार्यवाही स्थगित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में भी विपक्ष ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की और सदन से वॉकआउट किया.
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, "मुझे लगता है कि एसआईआर पर संसद में चर्चा नहीं हो सकती है. ये विषय चुनाव आयोग का है."
उन्होंने कहा, "एसआईआर इसलिए हो रहा है क्योंकि यहां के मतदाताओं को ही वोट देने का अधिकार है. जो इस देश का नागरिक नहीं है उन्हें मताधिकार नहीं है. इसलिए चुनाव आयोग एसआईआर लाया है.
"विपक्षी दलों की बार-बार मांग होती रही कि वोट चोरी होता है, लिस्ट ठीक नहीं है...एसआईआर लाने का निर्णय चुनाव आयोग ने लिया है. संसद में ये चर्चा नहीं हो सकती है. अगर आपको कोई जानकारी चाहिए तो आप चुनाव आयोग का रुख़ कर सकते हैं."
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की विपक्ष की मांग पर विचार कर रही है और इस मांग को ख़ारिज नहीं किया गया है.
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया, "सरकार किसी चीज़ पर चर्चा नहीं करना चाहती, तो सदन कैसे चलेगा. उनको कुछ तो मानना चाहिए." (bbc.com/hindi)


