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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 17 नवंबर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान ( सिम्स ) बिलासपुर ने निश्चेतना विभाग में अत्याधुनिक दर्द निवारण पेन क्लीनिक की नियमित सेवाएं शुरू कर दी हैं। पिछले वर्ष विश्व निश्चेतना दिवस पर प्रस्तावित इस क्लीनिक को अब पूर्ण रूप से स्वरूप देकर मरीजों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है।
गंभीर, पुरानी और जटिल दर्द से जूझ रहे मरीज यहां वैज्ञानिक, तकनीकी और इंटरवेंशनल उपचार विधियों का लाभ उठा रहे हैं।
यह नया पेन क्लीनिक कैंसर दर्द, न्यूरोपैथिक दर्द, कमर–गर्दन के दर्द, जोड़ और मस्कुलोस्केलेटल दर्द, दुर्घटनाओं के बाद होने वाले तीव्र दर्द और क्रॉनिक पेन जैसी कई स्थितियों के लिए समर्पित है।
उपचार के लिए फ्लोरोस्कोपी-गाइडेड प्रक्रियाएं, अल्ट्रासाउंड आधारित इंजेक्शन तकनीक और उन्नत नर्व स्टिमुलेशन जैसी हाई-टेक सेवाओं का उपयोग किया जा रहा है। इस समय 32 से अधिक मरीज इन सेवाओं का नियमित लाभ ले रहे हैं।
निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति ने बताया कि अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ टीम की मदद से कैंसर समेत गंभीर दर्द स्थितियों का निदान पहले से अधिक सटीक और उपचार अधिक प्रभावी हो गया है।
क्लीनिक को फ्लोरोस्कोपी, डिफिब्रिलेटर, नर्व स्टिमुलेटर, इन्फ्यूजन पंप और अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीकों से लैस किया गया है।
इस क्लीनिक में फिजियोथेरेपी, साइकोसोमैटिक मूल्यांकन और बहु-विषयक विशेषज्ञों डॉ. भावना रायजादा, डॉ. श्वेता कुजूर, डॉ. मिल्टन, डॉ. सुरभि बंजारे, डॉ. यश तिवारी, डॉ. प्रशांत पैकरा और डॉ. अर्पण मिश्रा का सहयोग मिल रहा है।
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि सामान्य उपचार से राहत न पाने वाले मरीजों को यह क्लीनिक अत्याधुनिक समाधान प्रदान करेगा। कैंसर, जोड़ और नसों के जटिल दर्द के इलाज में यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि कई मरीज पारंपरिक इलाज से राहत न मिलने पर निराश हो जाते हैं, लेकिन नया पेन क्लीनिक उन्हें आधुनिक और लक्षित उपचार उपलब्ध करा रहा है।


