ताजा खबर
अभिषेक सिंह व मनीष मिश्रा की जुलाई में हुई थी गिरफ्तारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 नवंबर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में फंसे दो और आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। मंगलवार को सुनवाई के बाद जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने नेक्सजेन कंपनी के डायरेक्टर मनीष मिश्रा और आबकारी विभाग के पूर्व ओएसडी अरविंद सिंह के भतीजे अभिषेक सिंह को जमानत दे दी।
अभियोजन के मुताबिक मनीष मिश्रा और उनके भाई संजय मिश्रा ने मिलकर नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के जरिए उन्होंने एफएल-10 लाइसेंस लेकर राज्य में ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई शुरू की थी।
संजय मिश्रा पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि दोनों भाई कंपनी के डायरेक्टर हैं। जांच एजेंसियों का आरोप था कि इस कंपनी के जरिए शराब आपूर्ति में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और घोटाले हुए।
इस मामले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) ने इसी साल 20 जुलाई को तीन आरोपियों संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया था।
संजय मिश्रा को पहले ही जमानत मिल गई थी। इसी आधार पर अब मनीष मिश्रा और अभिषेक


