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रतनपुर में 100 बिस्तर अस्पताल और 1 करोड़ से सामुदायिक भवन की घोषणा की सीएम ने
केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत 200 करोड़ के विकास प्रस्ताव की दी जानकारी
बिलासपुर, 10 नवंबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को धार्मिक नगरी रतनपुर में आयोजित कल्चुरी कलार समाज के महासम्मेलन में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना और एक करोड़ रुपये की लागत से कल्चुरी समाज के सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने बताया कि रतनपुर के समग्र विकास के लिए प्रसाद योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रतनपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। 100 बिस्तर का अस्पताल यहां के नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देगा, वहीं एक करोड़ की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन समाजिक आयोजनों का केंद्र बनेगा।
साय ने कहा कि कल्चुरी राजवंश ने करीब 1200 वर्षों तक शासन किया और उनकी प्रजा खुशहाल थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से समृद्ध है। मां महामाया की कृपा से राज्य निरंतर प्रगति की राह पर है।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में पहुंचने से पूर्व महामाया मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने मोदी गारंटी के लगभग सभी वादे पूरे किए हैं। उन्होंने बताया कि धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है और 15 नवंबर से नया खरीद अभियान शुरू होगा। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 21 किश्तें जारी की जा चुकी हैं।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल नाश का संकल्प लिया है। पिछले महीनों में बस्तर के 327 गांवों में विकास कार्य फिर से शुरू हुए हैं। उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत अब तक 7.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। एआई और सेमीकंडक्टर उद्योगों की स्थापना प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, जिनसे स्थानीय स्तर पर हजारों रोजगार उत्पन्न होंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रतनपुर कभी कल्चुरियों के शासन का केंद्र था और अब डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यहां विकास की गति और तेज होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नवा रायपुर में भगवान सहस्रबाहु के नाम पर एक चौक का नामकरण समाज के सम्मान का प्रतीक है।
संस्कृति और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति सभी समाजों के ईष्ट देवों का समान सम्मान करने की शिक्षा देती है।


