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आतंकियों का कोई धर्म नहीं, कश्मीर भाईचारे की भूमि है...
08-Nov-2025 4:58 PM
आतंकियों का कोई धर्म नहीं, कश्मीर भाईचारे की भूमि है...

11 लोगों की जान बचाने वाले गर्म कपड़ों के कारोबारी नजाकत अली का सम्मान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

मनेन्द्रगढ़, 8 नवंबर। पहलगाम आतंकी हमले के बीच 11 लोगों की जान बचाने वाले गरम कपड़ा बेचने वाले नजाकत अली इस बार चिरमिरी पहुंचे, तो उनका काफी स्वागत हुआ। राज्योत्सव के कार्यक्रम में उनका सम्मान भी हुआ।  नजाकत ने चर्चा में कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता है। कश्मीर शांति और भाईचारे की भूमि है।

कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में इस साल फिर वही जाना-पहचाना चेहरा दिखाई दिया नजाकत अली। ये वो शख्स है जिसने आतंकी हमले के बीच चिरमिरी के 11 लोगों की जान बचाई थी। हर साल की तरह नजाकत इस बार भी अपने परिवार के साथ गर्म कपड़ों का व्यापार करने चिरमिरी पहुँचे, लेकिन इस बार कुछ अलग था — लोगों के दिलों में उनके लिए सम्मान, अपनापन और गर्व।

 

नजाकत अली ने उस भयावह रात को याद करते हुए मीडिया से चर्चा में बताया 22 अप्रैल को अपने परिवार और कुछ दोस्तों के साथ घूमने निकले थे। लगभग दोपहर लगभग  2 बजे जंगल की ओर से अचानक गोलियों की आवाजें आने लगीं। हम उस वक्त बच्चों के साथ खेल रहे थे। आतंकियों ने बिना कुछ सोचे-समझे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। उस पल बस एक ही ख्याल था — किसी तरह सबकी जान बचानी है।

नजाकत ने कहा आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता। इस हमले में मेरा भांजा शहीद हो गया, लेकिन देश की सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्काल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर उन आतंकियों को खोज-खोज कर मार गिराया। आज वहाँ शांति है और सेना हर दिशा में तैनात है। नजाकत अली ने लोगों से अपील की कि कश्मीर सिर्फ आतंक की नहीं, खूबसूरती और भाईचारे की भूमि है। आइए, पहलगाम आइए, और इस वादी की शांति व सुंदरता का आनंद लीजिए।

मनेंद्रगढ़ में आयोजित राजोत्स्व कार्यक्रम में नजाकत अली एवं उनके पिता बशीर अहमद शाह का स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विधायक रेणुका सिंह ने शाल श्रीफल देकर सम्मान किया।


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