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तेजस्वी यादव ने नौकरी के वादे पर बीजेपी को घेरा, तो बचाव में आए सुशील कुमार मोदी
15-Aug-2022 7:45 PM
तेजस्वी यादव ने नौकरी के वादे पर बीजेपी को घेरा, तो बचाव में आए सुशील कुमार मोदी

 

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नौकरी देने के वादे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल पर सवाल उठाए हैं. बिहार में 10 लाख नौकरी देने का वादा पिछले कई दिनों से सुर्ख़ियों में हैं. जब से नीतीश कुमार ने बीजेपी से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल के साथ सरकार बनाई है, तेजस्वी यादव से ये सवाल बार-बार पूछा जा रहा है.

दरअसल वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी यादव ने अपनी हर चुनावी रैली में 10 लाख नौकरी देने का वादा किया था. हालाँकि उस समय उनकी सरकार नहीं बनी और नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. आज भारत के स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वे बिहार में 10 लाख नौकरी देने पर काम करेंगे. उन्होंने यहाँ तक कहा कि इसे 20 लाख भी किया जा सकता है.

बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने इस घोषणा को ऐतिहासिक कहा है. लेकिन बीजेपी ने इस पर चुटकी ली है. तेजस्वी यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर भी निशाना साधा था और कहा था कि बीजेपी जुमला पार्टी है. तेजस्वी यादव ने कहा- भाजपा के लोग अब मजाक उड़ा रहे हैं कि रेवड़ियाँ बँट रही है, बल्कि हम बिहार में रोजगार देने के वादे को पूरा कर रहे हैं. हमारी वजह से ही आज रोज़गार के मुद्दे पर चर्चा हो रही है. हम ही हैं जो वादा पूरा करेंगे, बीजेपी वादा पूरा नहीं करती.

तेजस्वी यादव ने बीजेपी को जुमला पार्टी बताते हुए कहा कि उन्होंने लोगों के दो साल बर्बाद कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि हमारी घोषणा, बीजेपी की उन घोषणाओं जैसी नहीं है जो उन्होंने लोगों से की थी कि 2 करोड़ रोजगार, 19 लाख नौकरियों मिलेंगी.

अब सुशील मोदी ने इस आरोप पर कहा है कि भाजपा ने संसदीय चुनाव से पहले 2 करोड़ लोगों को रोज़गार देने का वादा किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार रेलवे, सड़क, हवाई अड्डा और बंदरगाह जैसे ढांचागत निर्माण पर लाखों करोड़ रुपए ख़र्च कर हर साल 2 करोड़ से ज़्यादा लोगों को रोज़गार दे भी रही है.

उन्होंने कहा- हमने सरकारी नौकरी नहीं, रोज़गार का वादा किया था और उसे पूरा कर रहे हैं. दूसरी तरफ जिन्होंने बिहार में महागठबंधन सरकार बनने पर पहली कलम से 10 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, वे पहली कैबिनेट के बाद अपने वादे से मुँह चुरा रहे हैं. सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन के साथ तीन साल में 7.70 लाख लोगों को सरकारी नौकरी भी दी. अगले 18 महीनों में 10.5 लाख लोगों को नौकरी मिलना तय है.

उन्होंने कहा कि मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपए तक ऋण 35.94 करोड़ लोगों को दिया गया. क्या इससे रोजगार पैदा नहीं हुए? सरकार उत्पादकता आधारित प्रोत्साहन योजना ( पीएलआइ) पर 1.97 लाख करोड़ रुपए ख़र्च कर रही है, जिससे 60 लाख रोज़गार सृजित होंगे. सुशील मोदी ने कहा- इसके साथ ही मनरेगा, पीएम रोजगार सृजन योजना जैसे 2 दर्जन से ज़्यादा कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. केंद्र सरकार के चौतरफ़ा प्रयास से देश में बेरोज़गारी दर 6 फ़ीसदी से घट कर 4.2 फ़ीसदी पर आई. हमने रोज़गार का वादा बख़ूबी निभाया. अब राजद 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादे से मुकरने की बहानेबाज़ी से बाज आए. (bbc.com)


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