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रांची एयरपोर्ट पर स्पेशल चाइल्ड को विमान में न चढ़ने देने के मामले में सिविल एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है.
डीजीसीए का मानना है कि इंडिगो के ग्राउंड स्टाफ ने 7 मई को इस घटना से जिस तरह से निपटना चाहा, उसमें खामियां थीं.
डीजीसीए ने कहा है, "स्पेशल चाइल्ड के साथ जिस तरह का बर्ताव हुआ, उससे स्थिति और खराब हो गई. अगर बच्चे के साथ सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार किया जाता तो वह इतना अशांत नहीं होता."
डीजीसीए ने कहा है वह इस तरह के यात्रियों के स्वास्थ्य के मामले में एयरपोर्ट के डॉक्टर की लिखित सलाह और विमान के कमांडर की राय को ज़रूरी बनाएगा.
इंडिगो एयरलाइंस ने 7 मई को बैंकर निर्मल कुमार के डिफरेंटली एबल्ड बच्चे को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर विमान से सवार होने से रोक दिया था.
निर्मल कुमार ने बीबीसी को बताया था, "7 मई को हमें शाम 7.45 की इंडिगो की रांची-हैदराबाद फ़्लाइट में चढ़ने से सिर्फ़ इसलिए रोक दिया गया, क्योंकि मेरे बेटे अर्णब को उसकी अपंगता के चलते कुछ देर के लिए थोड़ी दिक़्क़तें थीं."
"हालांकि वो बोर्डिंग से पहले ही सामान्य हो गया था. वो व्हीलचेयर पर चुपचाप बैठा था और हमारी लाख मिन्नतों के बावजूद इंडिगो ने हमें फ़्लाइट लेने नहीं दी. हम अक्सर ही फ़्लाइट से आते-जाते हैं. ऐसा पहली बार हुआ, जब किसी एयरलाइंस ने हमें सिर्फ़ इसलिए विमान में नहीं चढ़ने दिया, क्योंकि मेरा बेटा अपंग है."
नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ख़ुद इस मामले की जांच कराने का आदेश दिया था और इस पर कार्रवाई की बात कही थी.
बाद में इंडिगो एयरलाइंस ने इस पर माफ़ी मांगी थी.


